गुरुग्राम के स्कूलों में अब क्या होने वाला है? 10 दिन बैग लेकर नहीं जाएंगे बच्चे!

अब गुरुग्राम के PM श्री स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई सिर्फ किताबों और क्लासरूम तक सीमित नहीं रहेगी। शैक्षणिक सत्र 2026-27 में कक्षा 6 से 8वीं तक के विद्यार्थियों के लिए 10 दिन Bagless Day आयोजित किए जाएंगे। इन दिनों बच्चों को बस्ते और किताबों के बोझ से अलग रखकर गतिविधियों, भ्रमण, प्रोजेक्ट और विशेषज्ञों से बातचीत के जरिए सीखने का मौका मिलेगा।

इस पहल का मकसद बच्चों को यह समझाना है कि स्कूल में सीखी गई चीजों का इस्तेमाल Real Life, रोजगार और भविष्य के करियर में किस तरह किया जाता है।

5 दिन Outdoor और 5 दिन Indoor Activities
Bagless Day कार्यक्रम को दो हिस्सों में बांटा गया है। इसमें 5 दिन Outdoor और 5 दिन Indoor Activities के लिए रखे गए हैं।

Outdoor Activities के दौरान बच्चों को अलग-अलग जगहों पर ले जाकर वहां होने वाले काम की प्रक्रिया समझाई जाएगी। इसके लिए नर्सरी, सौर ऊर्जा पार्क, जैव विविधता पार्क, प्रशिक्षण केंद्र, पंचायत, खेत, औद्योगिक इकाइयां, सब्जी मंडी, रेलवे स्टेशन, पुलिस स्टेशन, कृषि विज्ञान केंद्र और ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक स्थलों को शामिल किया जा सकता है।

यानी बच्चों को सिर्फ किताब में खेती, उद्योग, पुलिस व्यवस्था या सौर ऊर्जा के बारे में पढ़ने के बजाय उन्हें इन जगहों पर जाकर काम को करीब से देखने और समझने का मौका मिलेगा।

6 स्कूलों को 1.20 लाख रुपये का बजट

गुरुग्राम जिले में कुल 8 PM श्री स्कूल हैं। इनमें चक्करपुर, दौलह, घामरोज अलीपुर, सेक्टर-4/7, शेरपुर और करौला समेत 6 स्कूलों में गतिविधियों के आयोजन के लिए कुल 1.20 लाख रुपये का बजट जारी किया गया है।

प्रत्येक स्कूल को 15 हजार रुपये दिए जाएंगे। इस राशि का इस्तेमाल विद्यार्थियों के लिए जरूरी गतिविधियों और सीखने से जुड़े संसाधनों की व्यवस्था करने में किया जाएगा।

मिट्टी के बर्तन से लेकर सिलाई-बुनाई तक सीखेंगे बच्चे

5 Indoor Days में स्कूल परिसर में ही गतिविधि आधारित Learning पर फोकस रहेगा। बच्चों को मिट्टी और जल संरक्षण, पशुपालन, कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, हस्तशिल्प और दूसरे पारंपरिक कौशल से जुड़ी जानकारी दी जाएगी।

इसके अलावा मिट्टी के बर्तन बनाना, बढ़ईगीरी, सिलाई और बुनाई जैसे कामों का प्रदर्शन और प्रशिक्षण भी कराया जा सकता है।

स्थानीय किसान, कारीगर, तकनीकी विशेषज्ञ और अलग-अलग व्यवसायों से जुड़े लोग स्कूलों में पहुंचकर विद्यार्थियों से बातचीत करेंगे और अपने काम से जुड़ी जानकारी साझा करेंगे।

सिर्फ 10 दिन का कार्यक्रम नहीं, प्रोजेक्ट भी होंगे तैयार

Bagless Day को सिर्फ 10 दिन की गतिविधि तक सीमित नहीं रखा गया है। कक्षा 6 के विद्यार्थियों को पूरे शैक्षणिक सत्र के दौरान तीन प्रोजेक्ट तैयार करने होंगे।

इन प्रोजेक्ट को Bagless Day के दौरान देखी और सीखी गई गतिविधियों से जोड़ा जाएगा। इसके जरिए बच्चों में सवाल पूछने, जानकारी जुटाने, समस्या का समाधान खोजने और अपने अनुभव को प्रोजेक्ट के जरिए प्रस्तुत करने की क्षमता विकसित करने पर जोर रहेगा।

खेती, कारीगरी और Industry से समझेंगे Career Options
इस पूरी पहल का बड़ा उद्देश्य बच्चों को पढ़ाई और भविष्य के रोजगार के बीच का कनेक्शन समझाना है।
बच्चों को यह बताया जाएगा कि खेती, कारीगरी, उद्योग, सेवा क्षेत्र और उद्यमिता भी भविष्य में करियर के विकल्प हो सकते हैं। स्थानीय कारीगरों, किसानों और प्रोफेशनल्स से बातचीत के जरिए विद्यार्थियों को अपने आसपास मौजूद अलग-अलग रोजगार और कौशल की जानकारी मिलेगी।
योजना के तहत स्थानीय उद्योगों के साथ Skill Mapping और Vocational Education पर भी जोर दिया जाएगा।

क्या बदलेगा?
PM श्री स्कूलों का यह Bagless Day मॉडल बच्चों को सिर्फ परीक्षा और अंकों की तैयारी कराने के बजाय उन्हें Practical Learning और Real World Experience देने की दिशा में एक कदम है। गुरुग्राम जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहर में बच्चों को एक ही कार्यक्रम के दौरान खेती और पारंपरिक काम से लेकर Industry और नई Technology तक को करीब से समझने का मौका मिल सकता है।

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