गुरुग्राम की जहरीली होती हवा को लेकर प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है। सड़कों पर उड़ती धूल हो, निर्माण स्थलों से निकलने वाला मलबा या फिर खुले में जलता कचरा अब इन सभी पर प्रशासन की नजर रहेगी। लेकिन सवाल यह है कि प्रदूषण फैलाने वालों पर लगाम लगाने के लिए इस बार क्या-क्या कदम उठाए जाएंगे?
दरअसल, गुरुवार को लघु सचिवालय में डीसी उत्तम सिंह की अध्यक्षता में एक संयुक्त समीक्षा बैठक हुई। इसमें वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने और ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के तहत तैयारियों की समीक्षा की गई। डीसी ने संबंधित विभागों को साफ निर्देश दिए कि प्रदूषण रोकने के लिए तय नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए और लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

निर्माण स्थलों पर धूल उड़ाई तो होगी कार्रवाई
शहर में निर्माण कार्यों के दौरान उड़ने वाली धूल प्रदूषण की बड़ी वजह बनती है। इसे रोकने के लिए डीसी ने निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण के सभी जरूरी इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। निर्धारित मानकों के दायरे में आने वाली निर्माण परियोजनाओं का हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पोर्टल पर पंजीकरण कराना होगा। साथ ही, नियमों के अनुसार एंटी-स्मॉग गन लगाने और निर्माण से निकलने वाले मलबे को तय स्थान पर पहुंचाकर उसका उचित निस्तारण करने के निर्देश दिए गए हैं। नियमों का उल्लंघन करने वाले निर्माण स्थलों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
सड़कों पर धूल रोकने के लिए चलेगी सफाई मुहिम
प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए केवल निर्माण स्थलों ही नहीं, बल्कि सड़कों पर भी विशेष निगरानी रखी जाएगी। डीसी ने संबंधित एजेंसियों को सड़कों की मैकेनिकल स्वीपिंग, पानी का छिड़काव और गड्ढों की मरम्मत नियमित रूप से कराने को कहा है। इसके अलावा, धूल से प्रभावित इलाकों की पहचान कर जरूरी कदम उठाने और सड़कों के किनारे हरियाली विकसित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। सड़क रखरखाव करने वाली एजेंसियों को अपने क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था पर लगातार नजर रखनी होगी।
बंधवाड़ी लैंडफिल पर भी प्रशासन की नजर
गुरुग्राम में कचरे की समस्या और बंधवाड़ी लैंडफिल साइट का मुद्दा भी बैठक में उठा। डीसी ने ठोस कचरे का नियमित उठान, गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग एकत्रित करने तथा उसका उचित निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। लैंडफिल साइट पर पुराने कचरे के निस्तारण की समीक्षा के साथ आग लगने की घटनाओं को रोकने के लिए निगरानी बढ़ाने और अग्निशमन उपकरणों सहित जरूरी व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने को कहा गया। प्रशासन ने खुले में कचरा और बायोमास जलाने तथा अवैध रूप से कचरा डालने की घटनाओं पर रोक लगाने के भी निर्देश दिए हैं।
पटाखों की बिक्री और अवैध भंडारण पर भी नजर
प्रदूषण नियंत्रण के मद्देनजर पटाखों को लेकर न्यायालयों के आदेशों की पालना की भी समीक्षा की गई। संबंधित विभागों को अवैध भंडारण और बिक्री पर निगरानी रखने तथा जरूरत के अनुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा, औद्योगिक और अन्य क्षेत्रों में जमा कचरे को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उठाने और उसका सही तरीके से निस्तारण करने पर जोर दिया गया।
GRAP लागू होने पर विभागों को रहना होगा तैयार
डीसी उत्तम सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि GRAP के अलग-अलग चरणों के तहत लागू होने वाले प्रतिबंधों को लेकर सभी विभाग अपनी तैयारियां पूरी रखें। निगरानी टीमों को सक्रिय रखने और प्रदूषण से जुड़ी शिकायतों पर तय समय के भीतर कार्रवाई करने को भी कहा गया। अधिकारियों को लोगों के बीच जागरूकता अभियान चलाने और पिछली बैठकों में लिए गए फैसलों पर हुई कार्रवाई की रिपोर्ट समय पर सौंपने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में एडीसी सोनू भट्ट, अतिरिक्त नगर निगम आयुक्त रविंद्र यादव, एसीपी ट्रैफिक सत्यपाल यादव, डीईओ कैप्टन इंदु बोकन और एडीटीओ हरेंद्र वीर समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। क्या इन निर्देशों के बाद गुरुग्राम की सड़कों से धूल, खुले में कचरा जलाने और प्रदूषण की समस्या पर वास्तव में लगाम लग पाएगी? इसका जवाब आने वाले दिनों में प्रशासन की कार्रवाई से सामने आएगा।
