गुरुग्राम में बढ़ते वायु प्रदूषण को लेकर नगर निगम ने बड़ा फैसला लिया है। शहर की हवा को प्रदूषित करने वाले रेडी मिक्स कंक्रीट (RMC) प्लांटों पर अब कार्रवाई की तैयारी है। नगर निगम गुरुग्राम की सीमा में चल रहे सभी 31 RMC प्लांटों को हटाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए संबंधित प्लांटों को नोटिस जारी करने समेत जरूरी प्रक्रियाएं शुरू कर दी गई हैं।

कब तक है डेडलाइन!
वीरवार को नगर निगम कार्यालय में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में शहर में प्रदूषण के स्तर को कम करने के लिए कई अहम निर्देश दिए गए। नगर निगम आयुक्त प्रदीप दहिया ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए हैं कि 25 अक्टूबर के बाद निगम क्षेत्र में एक भी RMC प्लांट नहीं होना चाहिए। अब देखना होगा कि निगम तय समयसीमा में सभी प्लांटों के खिलाफ कार्रवाई पूरी कर पाता है या नहीं।
निगमायुक्त ने संबंधित संयुक्त आयुक्तों को निर्देश दिए कि RMC प्लांटों के खिलाफ नोटिस जारी करने और अन्य जरूरी प्रक्रियाओं को तय समय के भीतर पूरा किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदूषण नियंत्रण के आदेश केवल कागजों तक सीमित नहीं रहने चाहिए, बल्कि उनका असर जमीन पर भी दिखाई देना चाहिए।
सिर्फ RMC प्लांट ही नहीं, इन पर भी होगी सख्ती
नगर निगम ने प्रदूषण के दूसरे कारणों पर भी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
– बायोमास जलाने पर रोक: कोई व्यक्ति कचरा या बायोमास जलाता मिला तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
– निर्माण स्थलों पर निगरानी: धूल उड़ने से रोकने के लिए पानी का नियमित छिड़काव और जरूरी इंतजाम करने होंगे।
– सड़कों की डीप क्लीनिंग: सड़कों पर जमा धूल को हटाने के लिए विशेष सफाई कराई जाएगी।
– बागवानी कचरे का उठान: पेड़-पौधों से निकलने वाले कचरे को समय पर उठाया जाएगा, ताकि उसमें आग लगाने की घटनाएं न हों।
– कचरा डंपिंग पॉइंट पर नजर: कचरा जलाने और उसके गलत प्रबंधन को रोकने के लिए निगरानी बढ़ाई जाएगी।
अधिकारियों की जिम्मेदारी तय, लापरवाही पर नजर
निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में प्रदूषण नियंत्रण के उपायों की नियमित निगरानी करने को कहा है। निर्माण स्थलों, सड़कों और कचरा डंपिंग पॉइंटों पर नियमों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या नगर निगम 25 अक्टूबर तक सभी 31 RMC प्लांटों को हटाने का लक्ष्य पूरा कर पाएगा? साथ ही, धूल और कचरे से होने वाले प्रदूषण पर कार्रवाई का असर शहर की हवा में कितना दिखाई देगा, यह भी देखने वाली बात होगी।
