गुरुग्राम में विदेश भेजने के नाम पर लाखों की ठगी का मामला सामने आया है। युवकों को रूस में वर्क वीजा और नौकरी दिलाने का भरोसा दिया गया, लेकिन आरोप है कि उन्हें वर्क वीजा की जगह टूरिस्ट वीजा पर भेज दिया गया। मामला यहीं खत्म नहीं हुआ पीड़ितों को बाद में दूसरे देशों में भेजा गया, जहां उनके पासपोर्ट तक छीन लिए गए। अब गुरुग्राम पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है।

12 लाख रुपये लेकर वर्क वीजा का किया था दावा
पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता ने बताया कि टिंकू नाम के व्यक्ति ने अपनी गुरुग्राम स्थित L.K enterprises नाम की रजिस्टर्ड फर्म का हवाला देकर रूस में नौकरी और वर्क वीजा दिलाने का भरोसा दिया था। इसके लिए करीब 12 लाख रुपये का खर्च बताया गया। पीड़ितों ने अलग-अलग माध्यमों से आरोपी को लाखों रुपये दे दिए।
वर्क वीजा के नाम पर घोटोला
आरोप है कि पैसे लेने के बाद युवकों को वर्क वीजा की जगह टूरिस्ट वीजा पर रूस भेज दिया गया। वहां एयरपोर्ट से ही उन्हें वापस डिपोर्ट कर दिया गया। इसके बाद जब पीड़ितों ने अपने पैसे वापस मांगे तो आरोपी ने कथित तौर पर उन्हें थाईलैंड और मलेशिया भेज दिया। पुलिस शिकायत के मुताबिक, मलेशिया में दूसरे एजेंटों के जरिए पीड़ितों के पासपोर्ट छीन लिए गए और उन्हें बंधक बनाकर मारपीट की गई। किसी तरह पैसे मंगवाकर पीड़ित भारत वापस लौटे। इसके बाद जब उन्होंने आरोपी से अपने रुपये वापस मांगे तो उन्हें जान से मारने की धमकी देने का आरोप है।

कौन था आरोपी
शिकायत के आधार पर थाना शहर गुरुग्राम में मामला दर्ज किया गया। पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए 22 सितंबर 2026 को मुख्य आरोपी टिंकू बैसवाल 33 र्वषीय को भैंसवाल निवासी गांव, जिला सोनीपत को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी कथित तौर पर अपनी फर्म के नाम पर लोगों को विदेश भेजने और नौकरी दिलाने का झांसा देकर पैसे लेता था। पुलिस अब मामले में जुड़े अन्य स्थानीय और विदेशी एजेंटों, पैसों के लेन-देन और दस्तावेजों की जांच कर रही है। मामले की जांच जारी है।
