पेट्रोल पंप पर UPI से पेमेंट करने वाले ग्राहकों के लिए आने वाले दिनों में व्यवस्था बदल सकती है। UPI-MDR चार्ज को लेकर पेट्रोल पंप डीलरों और संगठनों की आपत्ति सामने आई है। डीलरों का कहना है कि अगर इस शुल्क का समाधान नहीं निकला तो कुछ पेट्रोल पंपों पर UPI पेमेंट स्वीकार करना बंद किया जा सकता है।
दरअसल, अक्टूबर से UPI-MDR के नए नियम लागू होने की बात सामने आई है। नए प्रावधान के तहत 2 हजार रुपये से अधिक के मर्चेंट UPI ट्रांजेक्शन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू होगा। पेट्रोलियम कैटेगरी में भी शुल्क की व्यवस्था को लेकर डीलरों ने चिंता जताई है। डीलरों के मुताबिक, पहले फ्यूल कैटेगरी में 0.4 प्रतिशत शुल्क की जगह 5 रुपये प्रति ट्रांजेक्शन का प्रावधान बताया गया है। उनका कहना है कि पेट्रोल पंप पर बड़ी संख्या में UPI ट्रांजेक्शन होते हैं। ऐसे में हर ट्रांजेक्शन पर अतिरिक्त शुल्क लगने से उनके खर्च में बढ़ोतरी होगी।

5 रुपये प्रति UPI ट्रांजेक्शन का मुद्दा
पेट्रोल पंप डीलरों का तर्क है कि यदि हर बड़े UPI ट्रांजेक्शन पर 5 रुपये का अतिरिक्त खर्च आता है, तो इसका सीधा असर उनके मार्जिन पर पड़ेगा। डीलरों का कहना है कि पेट्रोल-डीजल की बिक्री पर पहले से ही मार्जिन सीमित है, ऐसे में अतिरिक्त MDR उनके लिए आर्थिक बोझ बन सकता है। गुरुग्राम पेट्रोल पंप एसोसिएशन की ओर से भी इस मुद्दे को लेकर आपत्ति जताई गई है। संगठन के मुताबिक, समाधान नहीं निकलने की स्थिति में 2 हजार रुपये से अधिक के UPI भुगतान स्वीकार करने पर रोक लगाने का विकल्प अपनाया जा सकता है।
हरियाणा में बड़ा पेट्रोल पंप नेटवर्क
हरियाणा में पेट्रोल पंपों का बड़ा नेटवर्क है। प्रदेश में करीब 4,032 सरकारी तेल कंपनियों के पेट्रोल पंप बताए गए हैं। इनमें रोजाना बड़ी मात्रा में पेट्रोल और डीजल की बिक्री होती है। गुरुग्राम में भी बड़ी संख्या में पेट्रोल पंप हैं और कई जगहों पर ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन सिस्टम के तहत कैमरे लगाए गए हैं। पेट्रोल पंप डीलरों का कहना है कि UPI आज ग्राहकों के लिए भुगतान का प्रमुख माध्यम बन चुका है। ऐसे में MDR को लेकर जल्द समाधान नहीं हुआ तो इसका असर ग्राहकों और पेट्रोल पंप संचालकों दोनों पर पड़ सकता है।
पहले भी सामने आ चुका है MDR का मुद्दा
पेट्रोल पंपों पर MDR को लेकर पहले भी विवाद सामने आ चुका है। जनवरी 2017 में कार्ड से भुगतान पर MDR लगाने की चर्चा के बाद देशभर के पेट्रोल पंप डीलरों ने कार्ड पेमेंट रोकने की चेतावनी दी थी। बाद में केंद्र सरकार के हस्तक्षेप के बाद मामला सुलझाया गया था। अब एक बार फिर UPI-MDR को लेकर पेट्रोल पंप संचालकों की नाराजगी सामने आई है। देखना होगा कि इस मामले में सरकार और पेट्रोल पंप डीलरों के बीच क्या समाधान निकलता है।
