शहर की पॉश कॉलोनियों में अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ जिला नगर योजनाकार प्रवर्तन (DTPE) ने एक बार फिर कार्रवाई तेज कर दी है। मंगलवार को सुशांत लोक-1 में DTPE की टीम भारी पुलिस बल और बुलडोजर के साथ पहुंची और नियमों का उल्लंघन कर किए गए निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की।

अभियान का नेतृत्व डीटीपीई अमित मधोलिया कर रहे हैं। कार्रवाई की सूचना मिलते ही इलाके में अवैध निर्माण करने वाले मकान मालिकों और अन्य संबंधित लोगों में हलचल बढ़ गई।
स्टिल्ट पार्किंग और बेसमेंट में अवैध निर्माण निशाने पर
DTPE की कार्रवाई मुख्य रूप से उन आवासीय इमारतों पर केंद्रित है, जहां स्वीकृत भवन नक्शे और नियमों का उल्लंघन करते हुए स्टिल्ट पार्किंग और बेसमेंट में कमरे, दुकानें या अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के लिए निर्माण किया गया है।

विभाग का कहना है कि ऐसे निर्माणों के खिलाफ नियमों के अनुसार कार्रवाई की जा रही है। जहां जरूरत है, वहां अवैध ढांचे को हटाने के साथ-साथ सीलिंग की कार्रवाई भी की जा रही है।
पहले दिया गया था अवैध निर्माण हटाने का मौका
डीटीपीई अमित मधोलिया के अनुसार, विभाग की ओर से सीधे कार्रवाई नहीं की गई है। हाईकोर्ट के निर्देशों के तहत लाइसेंसी कॉलोनियों में अवैध निर्माण और भवन नियमों के उल्लंघन का सर्वे कराया गया था।

सर्वे के बाद संबंधित संपत्ति मालिकों को अपने स्तर पर अवैध निर्माण हटाने और भवन को स्वीकृत नक्शे के मुताबिक बहाल करने के लिए समय दिया गया था।
विभाग के मुताबिक, निर्धारित समय में सुधार नहीं करने वाले संपत्ति मालिकों के खिलाफ अब प्रवर्तन कार्रवाई की जा रही है।
डेमोलिशन का खर्च भी प्रॉपर्टी मालिक से वसूला जाएगा
इस कार्रवाई का आर्थिक बोझ भी संबंधित संपत्ति मालिकों पर पड़ेगा। विभाग के अनुसार, अवैध निर्माण हटाने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली मशीनरी और प्रशासनिक खर्च की राशि संपत्ति मालिकों से वसूली जाएगी।
इसके लिए उल्लंघनकर्ताओं को डेमोलिशन कॉस्ट का नोटिस जारी किया जाएगा।
सुशांत लोक के बाद इन पॉश कॉलोनियों पर नजर
अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ यह कार्रवाई केवल सुशांत लोक-1 तक सीमित नहीं रहने वाली है। प्रशासन की नजर शहर की दूसरी लाइसेंसी कॉलोनियों पर भी है।
विभाग के मुताबिक DLF, South City और Greenwood City जैसी कॉलोनियों में भी नियमों के उल्लंघन की जांच और कार्रवाई की तैयारी है।
खास तौर पर पार्किंग और सार्वजनिक रास्तों पर किए गए अतिक्रमण को लेकर कार्रवाई जारी रखने की बात कही गई है। जहां भी अवैध निर्माण या नियमों का उल्लंघन पाया जाएगा, वहां नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
