मानसून के दौरान क्षतिग्रस्त हुई शहर की सड़कों को लेकर गुरुग्राम के लोगों को बड़ी राहत मिलने वाली है। नगर निगम (MCG) ने शहर के 12 प्रमुख सेक्टरों की सड़कों की मरम्मत और निर्माण के लिए करीब 20 करोड़ रुपये की व्यापक योजना बनाई है। टेंडर प्रक्रिया पहले ही जारी कर दी गई है और निगम का दावा है कि नवंबर के पहले सप्ताह से कार्य शुरू हो जाएगा।

नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार, योजना के तहत मुख्य रूप से सेक्टर-30, 42, 43, 55, 5, 16, 17ए, 41 और 34 की बदहाल सड़कों का निर्माण किया जाएगा। सेक्टर 16 (औद्योगिक क्षेत्र), सेक्टर 42, सेक्टर 43 (नाला और तुलसी पार्क), सेक्टर 17ए, सुशांत लोक-2, सेक्टर-55, पालीवास से बंधवाड़ी, सेक्टर-47 (मॉडल रोड), सेक्टर-30, साउथ सिटी-1 (ब्लॉक C), सेक्टर 5 (भाग-3 और 4), और सेक्टर-41 में सड़क निर्माण और मरम्मत का कार्य किया जाएगा।
इसके अलावा, नगर निगम ने सेक्टर 43 के निवासियों के लिए एक महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजना भी शुरू की है। व्यस्त गोल्फ कोर्स रोड के पास 18 मीटर चौड़ी सड़क के किनारे फुटपाथ निर्माण के लिए टेंडर जारी कर दिए गए हैं। यह परियोजना नए वार्ड संख्या 22 के अंतर्गत आती है और इसका निर्माण एचवीपीएनएल कार्यालय से पारस अस्पताल रोड तक किया जाएगा। इस फुटपाथ का मार्ग गैलेक्सी अपार्टमेंट्स, एंबिएंस स्कूल और हरिजन कॉलोनी से होकर जाएगा, जिससे निवासियों और स्कूल जाने वाले छात्रों को सुरक्षित रास्ता मिलेगा। इस फुटपाथ निर्माण पर लगभग 48 लाख रुपये की लागत आएगी।
नगर निगम के इस कदम से लोगों को निम्नलिखित सुविधाएं मिलेंगी:
- सुगम आवागमन: टूटी और गड्डों वाली सड़कों से मुक्ति मिलेगी, वाहन मेंटेनेंस खर्च कम होगा और आवागमन आसान होगा।
- सुरक्षा: सड़क की गुणवत्ता सुधारने और नालों के निर्माण से जलभराव की समस्या कम होगी, जिससे सड़क दुर्घटनाओं का खतरा घटेगा।
- बुनियादी ढांचा: मॉडल रोड और फुटपाथ निर्माण से शहर का बुनियादी ढांचा मजबूत होगा और पैदल यात्रियों को सुरक्षित मार्ग मिलेगा।
- स्वच्छता: जल निकासी की बेहतर व्यवस्था से सड़कों पर गंदगी और जल जमाव की समस्या खत्म होगी।
नगर निगम का लक्ष्य है कि आगामी वर्षों में गुरुग्राम की आंतरिक सड़कें उच्च गुणवत्ता वाली और सुरक्षित बनें, जिससे शहरवासियों को बेहतर और सुविधाजनक जीवन मिले।
