गुरुग्राम। सेक्टर-37सी स्थित आरएमजी रेजिडेंसी सोसाइटी में रहने वाले 724 परिवारों का करीब साढ़े चार साल का इंतजार आखिरकार खत्म हो गया। नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग ने बुधवार को सोसाइटी को कुछ शर्तों के साथ ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट (कब्जा प्रमाणपत्र) जारी कर दिया है। इसके बाद अब यहां रहने वाले फ्लैट खरीदारों के लिए अपने घरों की रजिस्ट्री कराने और मालिकाना हक प्राप्त करने का रास्ता साफ हो गया है।

बिना ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट के दे दिया था कब्जा
जानकारी के अनुसार नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग ने 9 अक्टूबर 2015 को किफायती आवास योजना के तहत सेक्टर-37सी में करीब पांच एकड़ जमीन पर रिहायशी परियोजना विकसित करने के लिए आरएमजी डिवेलपर्स प्राइवेट लिमिटेड को लाइसेंस दिया था।
बिल्डर ने अगस्त 2021 में ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट प्राप्त किए बिना ही फ्लैट खरीदारों को कब्जा दे दिया था। इसके करीब तीन महीने बाद लोग अपने फ्लैटों में रहने भी लगे। वर्तमान में सोसाइटी के लगभग सभी फ्लैट आबाद हैं।
रजिस्ट्री न होने से बढ़ रही थीं परेशानियां
लाइसेंस की अवधि समाप्त होने के बाद बिल्डर ने उसका नवीनीकरण नहीं कराया, जिसके कारण सोसाइटी को लंबे समय तक ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट नहीं मिल सका। इसका सीधा असर यहां रहने वाले लोगों पर पड़ा।
फ्लैट की रजिस्ट्री नहीं हो पाने के कारण न तो लोग अपनी संपत्ति बेच पा रहे थे और न ही खरीदारों को बैंकों से लोन मिल रहा था। कई लोगों ने फ्लैट बेचने के लिए एग्रीमेंट तो कर लिया था, लेकिन रजिस्ट्री न होने से सौदा अधर में लटका हुआ था।
निवासियों ने किया संघर्ष
समस्या के समाधान के लिए सोसाइटी के निवासियों ने नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के डीटीपी, एसटीपी और निदेशक कार्यालय में कई बार शिकायतें दर्ज कराईं। इसके अलावा सीएम विंडो पर भी शिकायत दी गई और बिल्डर कार्यालय के बाहर प्रदर्शन भी किए गए।
करीब साढ़े चार साल के लंबे संघर्ष के बाद अब विभाग ने सोसाइटी को ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट जारी कर दिया है, जिससे निवासियों को बड़ी राहत मिली है।
सोसाइटी में छह टावर और कई सुविधाएं
आरएमजी रेजिडेंसी सोसाइटी में छह रिहायशी टावर, 44 दुकानें, एक कम्यूनिटी हॉल और एक क्रेच भी बनाया गया है। सोसाइटी के सभी फ्लैटों में फिलहाल लोग रह रहे हैं।
शिकायत के बाद हुई कार्रवाई
नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग की वरिष्ठ नगर योजनाकार रेणुका सिंह के अनुसार निवासियों की शिकायत मिलने के बाद बिल्डर को मुख्यालय में तलब किया गया था और सभी औपचारिकताएं पूरी करने के निर्देश दिए गए थे। आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद अब सोसाइटी को ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट जारी कर दिया गया है।
