गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड (जीएमआरएल) ने ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो परियोजना के दूसरे चरण के निर्माण की दिशा में तैयारी तेज कर दी है। इसके तहत जीएमआरएल ने हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) से सड़कों की पैमाइश कराने का अनुरोध किया है। पैमाइश पूरी होने के बाद सड़कों के बीच में निशान लगाए जाएंगे, जिससे भविष्य में निर्माण कार्य में किसी तरह की बाधा न आए।

तीन चरणों में होगा मेट्रो निर्माण
जीएमआरएल ने इस मेट्रो परियोजना को तीन चरणों में विभाजित किया है—
- पहला चरण: मिलेनियम सिटी सेंटर मेट्रो स्टेशन से सेक्टर-9 तक
- दूसरा चरण: सेक्टर-9 से डीएलएफ साइबर सिटी तक
- तीसरा चरण: सेक्टर-33 में मेट्रो डिपो का निर्माण
पहले चरण का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है, जबकि दूसरे चरण के लिए टेंडर दस्तावेज तैयार कर लिए गए हैं।
पहले चरण में ही फंसा काम
हालांकि, पहले चरण का निर्माण अभी पूरी तरह सुचारू नहीं हो पाया है। हीरो होंडा चौक से बसई तक करीब 5 किलोमीटर के हिस्से में कई बाधाएं हैं, जिनकी वजह से काम रुका हुआ है।
मुख्य समस्याएं:
- बीकानेर मिष्ठान भंडार से जुड़ा मामला अदालत में लंबित (अगली सुनवाई 18 मई)
- हिमगिरी आश्रम की जमीन का अधिग्रहण लंबित
- सेक्टर-10 स्थित बिजली घर का स्थानांतरण अभी तक नहीं हुआ
ट्रैफिक डायवर्जन की बनेगी योजना
दूसरे चरण के तहत जिन सड़कों से मेट्रो निकलेगी, उनमें से अधिकांश की चौड़ाई कम है। ऐसे में पहले सड़कों की पैमाइश होगी, फिर अतिक्रमण और अवैध निर्माण हटाए जाएंगे। इसके बाद ट्रैफिक डायवर्जन प्लान तैयार किया जाएगा।
एचएसवीपी के उपमंडल अधिकारी सर्वे, अजमेर सिंह के अनुसार, जीएमआरएल टीम के साथ मिलकर सड़कों की पैमाइश कराई जाएगी ताकि निर्माण में कोई बाधा न आए।
इन इलाकों में बनेंगे स्टेशन
दूसरे चरण के तहत सेक्टर-7, सेक्टर-4 और साइबर सिटी जैसे प्रमुख इलाकों में मेट्रो स्टेशन विकसित किए जाएंगे।
