गुरुग्राम। ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो परियोजना के दूसरे चरण को शुरू होने में अभी और समय लग सकता है। गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड (GMRL) द्वारा वर्ल्ड बैंक से मांगे गए करीब 2800 करोड़ रुपये के लोन को अब तक मंजूरी नहीं मिली है। इस कारण प्रोजेक्ट की टेंडर प्रक्रिया भी फिलहाल रुकी हुई है।

सूत्रों के मुताबिक, इस लोन को जुलाई तक मंजूरी मिलने की उम्मीद है। अगर ऐसा होता है तो अगस्त में दूसरे चरण के निर्माण के लिए टेंडर जारी किए जा सकते हैं।
फेज-1 का काम जारी, फेज-2 की तैयारी अधूरी
GMRL ने सितंबर 2025 में पहले चरण का टेंडर आवंटित किया था। इसके तहत मिलेनियम सिटी सेंटर मेट्रो स्टेशन से सेक्टर-9 तक मेट्रो लाइन बनाई जा रही है।
वहीं, दूसरे चरण में सेक्टर-9 से डीएलएफ साइबर सिटी तक मेट्रो कॉरिडोर विकसित किया जाना है। इस फेज की कुल लागत का लगभग 60% हिस्सा वर्ल्ड बैंक से ऋण के रूप में मांगा गया है।
हाल ही में वर्ल्ड बैंक की एक टीम गुरुग्राम आई थी, जिसने परियोजना की ग्राउंड रिपोर्ट और तैयारियों का जायजा लिया।
सड़कों की माप और ट्रैफिक प्लानिंग शुरू
GMRL अधिकारियों के अनुसार, लोन की शर्तों को पूरा करने के लिए पर्यावरण और सामाजिक प्रभाव से जुड़े अध्ययन पहले ही पूरे किए जा चुके हैं।
अब हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) से सेक्टर-9 से साइबर सिटी तक मुख्य सड़कों की पैमाइश कराने को कहा गया है। इसके आधार पर ट्रैफिक डायवर्जन प्लान तैयार किया जाएगा, ताकि निर्माण के दौरान यातायात प्रभावित न हो।
मेट्रो रूट बदला, सेक्टर-21 और डूंडाहेड़ा को राहत
दूसरे चरण के मेट्रो रूट में बड़ा बदलाव किया गया है। पहले मेट्रो को राव गजराज मार्ग से शंकर चौक तक लाने की योजना थी, लेकिन अब नया रूट ओल्ड दिल्ली रोड से होकर गुजरेगा।
नई योजना के अनुसार:
- मेट्रो हनुमान मंदिर के सामने से गुजरेगी
- शंकर रोड होते हुए शंकर चौक पहुंचेगी
- सेक्टर-21 और उद्योग विहार फेज-1 में नए स्टेशन बनाए जाएंगे
इस बदलाव से सेक्टर-21 और डूंडाहेड़ा के हजारों लोगों को सीधा फायदा मिलेगा।
रेलवे स्टेशन कनेक्टिविटी पर अभी फैसला बाकी
प्रोजेक्ट के तहत सेक्टर-5 से रेलवे स्टेशन तक मेट्रो लाइन बनाने का प्रस्ताव भी था, लेकिन वर्ल्ड बैंक की आपत्तियों के कारण इस पर अंतिम निर्णय नहीं लिया जा सका है।
अब यह तय किया जाएगा कि इस लाइन को मौजूदा प्रोजेक्ट में शामिल किया जाए या भविष्य में अलग से विकसित किया जाए।
