गुरुग्राम की सफाई व्यवस्था बदलने की तैयारी, 5 साल में खर्च होंगे 440 करोड़ रुपये

गुरुग्राम में लंबे समय से बदहाल सफाई व्यवस्था को सुधारने के लिए अब बड़ा प्लान तैयार किया गया है। नगर निगम अगले पांच साल में शहर की सफाई व्यवस्था पर 440.77 करोड़ रुपये खर्च करेगा। शहरी स्थानीय निकाय विभाग से इस योजना को प्रशासनिक मंजूरी मिल चुकी है। खास बात यह है कि इस बार टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए पहले पूरे शहर का जीआईएस सर्वे कराया जाएगा।

जीआईएस सर्वे के बाद ही जारी होंगे टेंडर

नगर निगम को निर्देश दिए गए हैं कि सफाई टेंडर जारी करने से पहले शहर की सभी सड़कों और क्षेत्रों का जीआईएस आधारित सर्वे कराया जाए। इसमें सड़कों की लंबाई, चौड़ाई और कुल क्षेत्रफल का सटीक रिकॉर्ड तैयार होगा।
यदि सर्वे के दौरान किसी क्षेत्र या सड़क की लंबाई में बदलाव सामने आता है, तो संशोधित आंकड़ों को टेंडर दस्तावेज में शामिल करना अनिवार्य होगा। विभाग का मानना है कि इससे टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी और भविष्य के विवादों पर रोक लगेगी।

डेढ़ साल से अस्थायी टेंडरों के भरोसे चल रही सफाई

गौरतलब है कि पिछले करीब डेढ़ साल से स्थायी सफाई टेंडरों को मंजूरी नहीं मिल पा रही थी। टेंडर शर्तों में लगातार बदलाव और मुख्यालय से स्वीकृति में देरी के कारण नगर निगम को छह-छह महीने के अस्थायी टेंडरों से काम चलाना पड़ रहा था।
मशीनों और कर्मचारियों की कमी के कारण शहर में सफाई व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई और कई इलाकों में कूड़े के ढेर लगने लगे।

3200 सफाईकर्मी हड़ताल पर, 650 कर्मचारियों के भरोसे शहर

स्थिति इस समय और ज्यादा गंभीर बनी हुई है क्योंकि नगर निगम के करीब 3200 स्थायी और पे-रोल सफाई कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं। ऐसे में शहर की सफाई व्यवस्था प्राइवेट एजेंसियों के करीब 650 कर्मचारियों के सहारे चल रही है।
कम मैनपावर की वजह से समय पर कूड़ा उठान और सड़क सफाई प्रभावित हो रही है।

शहर को दो क्लस्टरों में बांटा गया
नई योजना के तहत गुरुग्राम नगर निगम क्षेत्र को दो हिस्सों में विभाजित किया गया है।

क्लस्टर-1

जोन-1 और जोन-2 को शामिल किया गया है। यहां सफाई व्यवस्था पर 200.12 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

क्लस्टर-2

जोन-3 और जोन-4 के लिए 240.65 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है।

दोनों क्लस्टरों में अगले पांच वर्षों तक मैनुअल और मशीन आधारित रोड स्वीपिंग का काम किया जाएगा। इसके तहत मुख्य सड़कों के साथ-साथ अंदरूनी सड़कों की सफाई भी नियमित रूप से होगी।

मशीनों से होगी सड़क सफाई

शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने साफ किया है कि सड़क सफाई में मशीन आधारित स्वीपिंग को प्राथमिकता दी जाएगी। नगर निगम को मौजूदा मशीनों और कर्मचारियों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना होगा।

यदि जांच में यह पाया गया कि पहले से उपलब्ध संसाधनों के बावजूद अनावश्यक अतिरिक्त काम जोड़ा गया है, तो संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी।

सफाई एजेंसियों को मानने होंगे ये नियम

  • श्रमिकों को सरकार द्वारा तय न्यूनतम वेतन देना अनिवार्य होगा
  • सभी श्रम कानूनों का पालन करना होगा
  • नियमों का उल्लंघन करने वाली एजेंसियों पर कार्रवाई होगी

फिलहाल सफाई व्यवस्था क्यों बिगड़ी?

  • ट्रैक्टर-ट्रॉली और मशीनों की भारी कमी
  • समय पर कूड़ा उठान नहीं हो पा रहा
  • पर्याप्त सफाईकर्मी उपलब्ध नहीं
  • कई इलाकों में नियमित सफाई प्रभावित

नगर निगम गुरुग्राम के एक्सईएन Sunder Shyoran के अनुसार, शहर की सफाई व्यवस्था सुधारने के लिए टेंडर प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी और अगले पांच वर्षों में इस योजना पर 440.77 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

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