गुरुग्राम के पॉश डीएलएफ इलाकों में रहने वाले हजारों संपत्ति मालिकों के लिए बड़ी खबर है। नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग (DTCP) ने डीएलएफ फेज-1 से फेज-5 तक अवैध निर्माण और नियमों के विरुद्ध चल रही व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ बड़े स्तर पर अभियान चलाने का फैसला लिया है। विभाग अगले सप्ताह से कार्रवाई शुरू करेगा, जिसकी शुरुआत डीएलएफ फेज-3 से की जाएगी।

अधिकारियों के मुताबिक डीएलएफ के विभिन्न फेजों में करीब 5100 मकानों की पहचान की गई है, जहां स्वीकृत बिल्डिंग प्लान और ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट (OC) की शर्तों का उल्लंघन किया गया है। कई मकानों में स्टिल्ट पार्किंग को कमरों, कार्यालयों, शोरूम, स्टोर रूम और शौचालयों में बदल दिया गया है, जबकि कई जगहों पर खुली जगहों पर भी अनधिकृत निर्माण किया गया है।
हाई कोर्ट से राहत खत्म, अब होगी कार्रवाई
इस मामले में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने 29 मई को हुई सुनवाई के दौरान करीब 3500 मकानों पर लगी रोक (Stay) को हटा दिया। इसके बाद विभाग ने तुरंत कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी। शेष लगभग 1600 संपत्तियों से जुड़े मामलों की सुनवाई 6 जुलाई को होनी है।
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि अदालत के आदेश के बाद अब अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई में कोई बड़ी कानूनी बाधा नहीं बची है।
स्टिल्ट पार्किंग में बने कमरे होंगे ध्वस्त
डीटीसीपी की जांच में सामने आया है कि बड़ी संख्या में मकान मालिकों ने पार्किंग के लिए निर्धारित स्टिल्ट एरिया में स्थायी निर्माण कर लिया है। इससे न केवल भवन नियमों का उल्लंघन हुआ है, बल्कि कई स्थानों पर पार्किंग और सुरक्षा व्यवस्था भी प्रभावित हुई है।
अगले सप्ताह शुरू होने वाले अभियान में छोटे बुलडोजर और अन्य मशीनों की मदद से ऐसे सभी अवैध निर्माण हटाए जाएंगे।
पीजी, गेस्ट हाउस और जिम भी विभाग के निशाने पर
विभाग के अनुसार डीएलएफ क्षेत्र के करीब 40 प्रतिशत मकानों में व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। इनमें पीजी, गेस्ट हाउस, जिम, कोचिंग सेंटर, शोरूम और अन्य व्यवसाय शामिल हैं।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जहां नियमों का उल्लंघन पाया जाएगा, वहां निर्माण तोड़ने के साथ-साथ संबंधित गतिविधियों को सील भी किया जाएगा।
लोगों को दी गई अंतिम चेतावनी
डीटीपीई अमित मधोलिया ने कहा कि लोगों को स्वयं अवैध निर्माण हटाने और नियमों के विरुद्ध चल रही व्यावसायिक गतिविधियां बंद करने का अवसर दिया जा रहा है। यदि विभाग को कार्रवाई करनी पड़ी तो अवैध निर्माण ध्वस्त किए जाएंगे और सरकारी कार्य में बाधा डालने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
हजारों मकान मालिकों की बढ़ी चिंता
डीएलएफ के विभिन्न फेजों में रहने वाले हजारों मकान मालिक अब विभागीय कार्रवाई पर नजर बनाए हुए हैं। रियल एस्टेट विशेषज्ञों का मानना है कि यह अभियान गुरुग्राम में अवैध निर्माण के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई साबित हो सकता है और इसका असर आने वाले समय में शहर के अन्य रिहायशी क्षेत्रों पर भी पड़ सकता है।
