मानेसर में बिना अनुमति चल रहे RMC प्लांट संचालकों की मुश्किलें अब बढ़ने वाली हैं। नगर निगम ने ऐसे प्लांटों को सिर्फ 7 दिन का समय दिया है। इस दौरान प्लांट खुद बंद नहीं किए तो नगर निगम की टीम मौके पर पहुंचकर सीलिंग और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करेगी।

यानी अगले कुछ दिन मानेसर के उन RMC प्लांट संचालकों के लिए बेहद अहम हैं, जो बिना जरूरी अनुमति के अपना कारोबार चला रहे हैं।
आखिर क्यों लिया गया इतना बड़ा फैसला?
बुधवार को मानेसर नगर निगम ने RMC प्लांट संचालकों के साथ बैठक की। बैठक में संयुक्त आयुक्त पुनीत कुमार ने साफ कर दिया कि निगम क्षेत्र में बिना अनुमति चल रहे प्लांट अब नहीं चल पाएंगे।
नगर निगम के अनुसार, बड़ी संख्या में RMC प्लांट ऐसे हैं जिनके पास संचालन की जरूरी अनुमति नहीं है। कई प्लांटों के पास प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की अनुमति भी नहीं होने की बात सामने आई है।
अधिकारियों का कहना है कि नियमों को दरकिनार कर चल रहे इन प्लांटों से आसपास के इलाकों में प्रदूषण बढ़ रहा है।
निगम पहले ही कई प्लांट कर चुका है सील
मानेसर नगर निगम की टीम पहले भी कई अवैध RMC प्लांटों पर कार्रवाई कर उन्हें सील कर चुकी है। लेकिन अब एक और चौंकाने वाली बात सामने आई है। निगम को शिकायतें मिल रही हैं कि कुछ संचालक सील तोड़कर रात के समय दोबारा प्लांट चला रहे हैं। यानी दिन में प्लांट सील और रात में दोबारा काम शुरू—इन शिकायतों ने निगम की कार्रवाई को और सख्त कर दिया है।
सील तोड़ी तो सीधे FIR
अब निगम ने साफ कर दिया है कि सील किए गए प्लांट को दोबारा खोलना भारी पड़ेगा। संयुक्त आयुक्त पुनीत कुमार ने चेतावनी दी है कि अगर किसी संचालक ने निगम की लगाई सील तोड़ी और दोबारा प्लांट चलाया तो उसके खिलाफ FIR दर्ज कराई जाएगी। इस बार सिर्फ सील लगाने तक कार्रवाई सीमित नहीं रहेगी।
7 दिन बाद क्या होगा?
निगम ने अवैध RMC प्लांट संचालकों को खुद प्लांट बंद करने के लिए एक सप्ताह की मोहलत दी है। अगर इस अवधि में प्लांट बंद नहीं किए गए तो निगम की टीम खुद कार्रवाई करेगी। इसके तहत प्लांट को ध्वस्त किया जाएगा और कार्रवाई पर आने वाला खर्च भी संबंधित संचालक से वसूला जाएगा।
यानी निगम का संदेश साफ है—
“खुद हट जाओ, वरना निगम हटाएगा।”
वैध कागजात हैं तो सामने आएं
हालांकि नगर निगम ने उन संचालकों को राहत का मौका दिया है जिनके पास प्लांट चलाने की वैध अनुमति है।
अधिकारियों ने कहा है कि जिन प्लांटों के पास जरूरी दस्तावेज और अनुमति मौजूद है, वे संबंधित विभागों के सामने अपने दस्तावेज प्रस्तुत कर सकते हैं। जांच में अनुमति सही पाई गई तो आगे की कार्रवाई उसी के आधार पर होगी।
प्रदूषण बोर्ड भी करेगा कार्रवाई
मामला सिर्फ नगर निगम की कार्रवाई तक सीमित नहीं रहेगा। बैठक में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की साइंटिस्ट एवं SDO डॉ. निशा भी मौजूद थीं। संयुक्त आयुक्त ने उन्हें निर्देश दिए कि बिना अनुमति चल रहे RMC प्लांटों के खिलाफ प्रदूषण संबंधी कानूनों के तहत भी कार्रवाई की जाए। इससे अवैध प्लांट संचालकों पर दोहरा शिकंजा कस सकता है।
टीमों को दे दिए गए कार्रवाई के आदेश
नगर निगम के SDO विकास शर्मा, JE जयवीर यादव और JE देवेंद्र को भी निर्देश दिए गए हैं कि क्षेत्र में ऐसे RMC प्लांटों की पहचान कर कार्रवाई करें। बिना अनुमति प्लांट चलता मिला तो सीलिंग और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।
अब सबसे बड़ा सवाल—7 दिन बाद कितने प्लांटों पर चलेगा बुलडोजर?
मानेसर नगर निगम ने अपना रुख साफ कर दिया है। अब अवैध RMC प्लांट संचालकों के पास खुद कार्रवाई करने का मौका है। एक सप्ताह बाद निगम की टीम मैदान में उतरेगी और उसके बाद मानेसर में बड़े पैमाने पर सीलिंग और तोड़फोड़ की कार्रवाई देखने को मिल सकती है।
