गुरुग्राम की चमचमाती सड़कों और बड़े-बड़े विकास कार्यों के बीच शहर की कई सड़कें इन दिनों गड्ढों की वजह से बदहाल नजर आ रही हैं। हालात ऐसे हैं कि ये गड्ढे अब सिर्फ वाहन चालकों की परेशानी नहीं रहे, बल्कि ट्रैफिक की रफ्तार पर भी ब्रेक लगा रहे हैं।

शहर के सेक्टर-10, हीरो होंडा चौक, पटौदी रोड, कादीपुर और उमंग भारद्वाज चौक से खांडसा रोड जाने वाले रास्ते समेत कई जगहों पर सड़कें जगह-जगह टूट चुकी हैं। बारिश के बाद हालात और बिगड़ गए हैं।
पानी में छिपे गड्ढे, हर सफर में हादसे का खतरा
बारिश का पानी सड़कों पर जमा होने के बाद सबसे बड़ी परेशानी यह है कि गड्ढे दिखाई नहीं देते। वाहन चालक जब पानी से होकर गुजरते हैं तो उन्हें अंदाजा नहीं होता कि सड़क कितनी गहरी है।

खासकर दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह स्थिति काफी खतरनाक है। अचानक गड्ढा आने पर बाइक का संतुलन बिगड़ने से हादसा हो सकता है। वहीं कारों और दूसरे वाहनों को भी गड्ढों की वजह से नुकसान उठाना पड़ रहा है।
गड्ढों की वजह से धीमी हुई ट्रैफिक की रफ्तार
खराब सड़क का असर सीधे ट्रैफिक पर भी दिखाई दे रहा है। वाहन चालक गड्ढों से बचने के लिए धीरे चलते हैं या अचानक लेन बदलते हैं। व्यस्त सड़कों पर इसका असर और ज्यादा देखने को मिलता है।
जहां सामान्य दिनों में वाहन आसानी से निकल जाते हैं, वहीं सड़क की खराब हालत और बारिश के बाद जलभराव के कारण ट्रैफिक की रफ्तार धीमी हो जाती है। कई बार यही स्थिति आगे चलकर जाम का रूप ले लेती है।
करोड़ों खर्च के बाद भी सड़कें क्यों टूट रही हैं?
स्थानीय लोगों की सबसे बड़ी नाराजगी सड़क की खराब हालत को लेकर है। लोगों का कहना है कि शहर में सड़क निर्माण और मरम्मत के नाम पर लगातार पैसा खर्च किया जाता है, लेकिन कुछ समय बाद सड़कें फिर टूट जाती हैं।
लोगों का सवाल है कि अगर हर बार गड्ढे भरने के लिए पैचवर्क ही करना है, तो सड़कें लंबे समय तक टिक क्यों नहीं रही हैं?
लोगों की मांग है कि सिर्फ ऊपर से गड्ढे भरने के बजाय सड़क की स्थायी और गुणवत्तापूर्ण मरम्मत की जाए। साथ ही निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री और काम की गुणवत्ता की भी जांच होनी चाहिए।
विकास की रफ्तार के बीच सड़कों की बदहाल तस्वीर
गुरुग्राम को देश के प्रमुख कॉरपोरेट और आईटी हब के तौर पर पहचाना जाता है। शहर में बड़े-बड़े प्रोजेक्ट और ऊंची इमारतें विकास की तस्वीर दिखाती हैं, लेकिन दूसरी तरफ टूटी सड़कें और जलभराव शहर की जमीनी हकीकत भी सामने ला रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि गुरुग्राम से सरकार को बड़ी मात्रा में राजस्व मिलता है और शहर के लोग भी टैक्स देते हैं। ऐसे में सड़क, जलभराव और ट्रैफिक जैसी बुनियादी समस्याओं का लगातार बने रहना चिंता का विषय है।
अब जरूरत सिर्फ गड्ढे भरने की नहीं, बल्कि ऐसी सड़क बनाने की है जो अगली बारिश तक नहीं, लंबे समय तक टिक सके।
