गुरुग्राम की पॉश कॉलोनियों में अवैध निर्माण के खिलाफ प्रशासन का बुलडोजर एक्शन लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा। बुधवार को सुशांत लोक-1 और DLF के अलग-अलग फेज में DTPE की टीम भारी पुलिस बल और JCB के साथ पहुंची। टीम ने स्टिल्ट-प्लस-4 मकानों में किए गए अवैध निर्माण और नियमों के विपरीत चल रही व्यावसायिक गतिविधियों पर कार्रवाई की।

कार्रवाई के दौरान कहीं अवैध निर्माण तोड़ा गया तो कहीं संपत्तियों को सील कर दिया गया। विभाग की इस कार्रवाई के बाद पॉश कॉलोनियों में अवैध निर्माण करने वाले लोगों में हड़कंप मचा हुआ है।
पार्किंग की जगह बना दिए कमरे और दुकानें
मामला सिर्फ अतिरिक्त निर्माण का नहीं है। स्टिल्ट-प्लस-4 नीति के तहत जिस जगह का इस्तेमाल वाहनों की पार्किंग के लिए होना चाहिए, कई जगह उसी स्टिल्ट एरिया को दूसरे कामों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था।
आरोप है कि पार्किंग के लिए छोड़ी गई जगह में पक्के कमरे, दुकानें, सर्वेंट क्वार्टर और PG जैसी व्यावसायिक गतिविधियों के लिए निर्माण कर दिया गया।
इसका सीधा असर कॉलोनियों की पार्किंग व्यवस्था पर पड़ रहा है। जब इमारत के अंदर पार्किंग की जगह कम होती है तो लोग गाड़ियां बाहर सड़क पर खड़ी करते हैं। इससे पहले से व्यस्त अंदरूनी सड़कों पर जाम और ट्रैफिक की समस्या बढ़ जाती है।
सुशांत लोक और DLF में JCB ने तोड़े अवैध ढांचे
दूसरे दिन की कार्रवाई में DTPE अमित मधोलिया की अगुवाई में टीम सुशांत लोक-1 और DLF के अलग-अलग इलाकों में पहुंची। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।
अधिकारियों के मुताबिक, कुछ चार मंजिला इमारतों में स्वीकृत प्लान के विपरीत निर्माण और व्यावसायिक इस्तेमाल पाया गया था। ऐसे मामलों में विभाग ने सीलिंग की कार्रवाई की, जबकि कुछ जगहों पर अवैध हिस्सों को तोड़ा गया।
जहां निर्माण को हटाना संभव था, वहां उसे हटाकर संपत्ति को स्वीकृत नक्शे के मुताबिक बहाल करने की प्रक्रिया भी शुरू की गई।
पहले नोटिस, फिर बुलडोजर एक्शन
विभाग का कहना है कि यह कार्रवाई अचानक नहीं की गई है। अधिकारियों के मुताबिक, पहले इलाके का सर्वे कराया गया और नियमों का उल्लंघन करने वाली संपत्तियों की पहचान की गई।
इसके बाद संबंधित लोगों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए और अवैध निर्माण हटाने के लिए समय दिया गया। विभाग के अनुसार, तय समय में जब निर्माण नहीं हटाए गए तो अब प्रवर्तन कार्रवाई की जा रही है।
DTPE का कहना है कि यह पूरी कार्रवाई पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के निर्देशों के तहत की जा रही है।
अब दूसरी पॉश कॉलोनियों की बारी?
गुरुग्राम में लगातार दूसरे दिन हुई इस कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि विभाग फिलहाल अवैध निर्माण के मामलों में सख्ती के मूड में है।
DTPE की ओर से संकेत दिए गए हैं कि कार्रवाई का दायरा आगे और बढ़ सकता है। यानी DLF और सुशांत लोक के बाद दूसरी बड़ी और लाइसेंसी पॉश कॉलोनियां भी विभाग की रडार पर आ सकती हैं।
अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में किन कॉलोनियों में टीम पहुंचती है और कितने अवैध निर्माण पर बुलडोजर या सीलिंग की कार्रवाई होती है।
