गुरुग्राम में बसई रोड पर 39 वर्षीय महेन्द्र की गोली मारकर हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने इस मामले में 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि हत्या पुरानी रंजिश और बदला लेने के लिए की गई थी। आरोपियों ने महेन्द्र और उसके बेटे दोनों की हत्या की साजिश रची थी, लेकिन हमलावर सिर्फ महेन्द्र की हत्या कर सके।

बाइक पर पिता-पुत्र जा रहे थे सदर बाजार
पुलिस के मुताबिक, 10 सितंबर 2026 की सुबह करीब 9:20 बजे महेन्द्र अपने बेटे के साथ बाइक पर सवार होकर सदर बाजार जा रहा था। जब दोनों कृष्णा नगर के पास एन.के. फैक्ट्री के नजदीक पहुंचे तभी पीछे से बाइक पर सवार तीन युवक आए। आरोप है कि बाइक सवार युवकों में से एक ने महेन्द्र पर गोली चला दी। गोली लगने से महेन्द्र गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मामले की सूचना मिलते ही सेक्टर-9ए थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने सीन ऑफ क्राइम और फिंगरप्रिंट टीम को भी बुलाया और घटनास्थल से जरूरी सबूत जुटाए।
पुलिस ने 24 घंटे के अंदर 5 आरोपियों को पकड़ा
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच तेज कर दी। अपराध शाखा सेक्टर-10 की टीम ने तकनीकी और दूसरे सबूतों के आधार पर 10 सितंबर को दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनकी पहचान पर्नव पारासर उर्फ छोटी जो 20 साल का है और प्रवीण पारासर जो 45 साल को है। दोनों मूल रूप से उत्तर प्रदेश के आगरा के रहने वाले हैं और फिलहाल गुरुग्राम की देवीलाल कॉलोनी में रह रहे थे।
इसके बाद अपराध शाखा सेक्टर-40 की टीम ने 11 सितंबर को तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनकी पहचान देव शर्मा उर्फ केमटी 22 वर्षीय, अंकित उर्फ बंटी 19 वर्षीय और उत्सव 19 वर्षीय के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, गढ़ी हरसरू के पास पुलिस टीम ने आरोपियों को घेरा तो वे बाइक छोड़कर भागने लगे। इसी दौरान गड्ढे में गिरने से आरोपी देव और अंकित की टांग टूट गई।
2025 की हत्या का बदला लेने के लिए रची गई साजिश
पुलिस पूछताछ में इस हत्या के पीछे पुरानी रंजिश की बात सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी प्रवीण पारासर का दूसरा बेटा पर्व उर्फ बड़ी की 2025 में हत्या कर दी गई थी। इस हत्या के मामले में महेन्द्र का बेटा भी शामिल था। इसी रंजिश के चलते प्रवीण और उसके बेटे पर्नव ने अपने साथियों देव, अंकित और उत्सव के साथ मिलकर बदला लेने की साजिश रची।
आरोप है कि महेन्द्र और उसके बेटे दोनों को मारने की योजना बनाई गई थी। इसके लिए पर्नव और प्रवीण ने अपने साथियों को हथियार और पैसे उपलब्ध कराए। पुलिस के अनुसार वारदात के दौरान देव ने महेन्द्र पर गोली चलाई। हालांकि, हमलावर महेन्द्र की ही हत्या कर सके और उनके बेटे की जान बच गई।
हथियार और बाइक बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक देशी कट्टा, एक जिंदा कारतूस और वारदात में इस्तेमाल की गई बाइक बरामद की है। फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस साजिश में और कौन-कौन लोग शामिल थे, हथियार कहां से आया और पैसों का लेन-देन कैसे हुआ।
पुलिस का कहना है कि मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश जारी है और जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
