गुरुग्राम के उद्योग विहार में मंगलवार को नगर निगम की टीम पहुंची तो तीन बड़ी कंपनियों की संपत्तियों पर ताले लग गए। मामला किसी कारोबारी विवाद का नहीं, बल्कि करोड़ों रुपये के बकाया प्रॉपर्टी टैक्स का है। इन कंपनियों पर इतना टैक्स बकाया था कि निगम को संपत्तियां सील करने की कार्रवाई करनी पड़ी। दरअसल, नगर निगम गुरुग्राम ने प्रॉपर्टी टैक्स जमा नहीं कराने वाले तीन बड़े बकायेदारों की संपत्तियों को सील कर दिया है।

किन कंपनियों की संपत्तियां हुईं सील?
नगर निगम की कार्रवाई में तीन कंपनियों की संपत्तियां शामिल हैं:
– पीसीआई लिमिटेड: प्राइम टावर, उद्योग विहार फेज-2 में स्थित इस संपत्ति पर 2 करोड़ 10 लाख 45 हजार 687 रुपये से अधिक का टैक्स बकाया है।
– एडुकॉम्प डेटामेटिक्स लिमिटेड: इस कंपनी पर 53 लाख 25 हजार 204 रुपये का प्रॉपर्टी टैक्स बकाया है।
– रोल्टा प्राइवेट लिमिटेड: इस संपत्ति पर सबसे ज्यादा 2 करोड़ 92 लाख 96 हजार 643 रुपये से अधिक का टैक्स बकाया है।
इस तरह तीनों संपत्तियों पर कुल बकाया राशि करीब 5.57 करोड़ रुपये पहुंच गई है।
निगमायुक्त ने बकायेदारों को दी चेतावनी
निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने कहा कि नगर निगम द्वारा प्रॉपर्टी टैक्स की वसूली के लिए बकायेदारों पर लगातार नजर रखी जा रही है। संपत्ति मालिकों से अपील की गई है कि वे अपना बकाया टैक्स समय पर जमा कराएं, ताकि सीलिंग जैसी कार्रवाई से बचा जा सके। नगर निगम की इस कार्रवाई के बाद अब सवाल है कि क्या दूसरे बड़े बकायेदार भी समय रहते अपना प्रॉपर्टी टैक्स जमा करेंगे या निगम को उनके खिलाफ भी सीलिंग की कार्रवाई करनी पड़ेगी?
