शहर में रहने वाले लोगों को अब छोटी-बड़ी स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए हर बार बड़े अस्पतालों का रास्ता नहीं लेना पड़ेगा। हरियाणा सरकार ने गुरुग्राम में 30 अर्बन आयुष्मान आरोग्य मंदिर शुरू करने की तैयारी की है। इन केंद्रों के जरिए लोगों को उनके घर के आसपास ही प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
इन 30 स्वास्थ्य केंद्रों को स्थापित करने और अगले दो साल तक संचालित करने के लिए हरियाणा मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन लिमिटेड ने एएसआर हॉस्पिटल्स (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड को 26 करोड़ 20 लाख 80 हजार रुपये का कार्य आदेश जारी किया है।

किन इलाकों में बनेंगे स्वास्थ्य केंद्र?
गुरुग्राम जिले में जिन जगहों को अर्बन आयुष्मान आरोग्य मंदिर के लिए चुना गया है, उनमें हीरा नगर, नरसिंहपुर ढाणी, हरि नगर, शक्ति नगर, भीमगढ़ खेड़ी, शिवाजी नगर, अर्जुन नगर, चंदन नगर, समालपुर, सेक्टर-55, सेक्टर-56 घाटा गांव, डीएलएफ फेज-1, सेक्टर-27, गंगा विहार, टिकरी ढाणी, मनोहर नगर, सूर्य विहार, धर्म कॉलोनी, ग्वाल पहाड़ी, प्रेम नगर, सरहौल, राम विहार, तिगरा गांव, सेक्टर-54, सराय गांव और कन्हई समेत अन्य क्षेत्र शामिल हैं।
सरकार का कहना है कि इन केंद्रों का मकसद खास तौर पर शहरी गरीब, झुग्गी बस्तियों में रहने वाले लोगों, कम आय वाले परिवारों और जरूरतमंद लोगों को नजदीक ही स्वास्थ्य सुविधा देना है।
क्या-क्या सेवाएं मिलेंगी
अर्बन आयुष्मान आरोग्य मंदिर में लोगों को कई तरह की प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी। इनमें गर्भवती महिलाओं की जांच, नवजात और बच्चों की देखभाल, किशोर स्वास्थ्य, परिवार नियोजन, सामान्य बीमारियों का इलाज और संक्रामक रोगों का प्रबंधन शामिल है। इसके अलावा ब्लड प्रेशर और डायबिटीज जैसी गैर-संचारी बीमारियों की जांच, आंख और कान-नाक-गले से जुड़ी सेवाएं, दांतों की जांच, बुजुर्गों की देखभाल, मानसिक स्वास्थ्य की शुरुआती जांच और आपातकालीन सेवाएं भी उपलब्ध होंगी। केंद्रों पर योग और आयुष से जुड़ी सेवाएं भी दी जाएंगी। जरूरत पड़ने पर मरीज टेली-कंसल्टेशन के जरिए विशेषज्ञ डॉक्टरों से ऑनलाइन सलाह भी ले सकेंगे।
क्या मुफ्त दवाओं की सुविधा भी मिलेगी?
इन स्वास्थ्य केंद्रों पर जरूरी दवाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ कई अनिवार्य जांच की सुविधा भी दी जाएगी। यहां मेडिकल ऑफिसर, स्टाफ नर्स, पुरुष मल्टीपर्पज हेल्थ वर्कर और सफाई कर्मचारी सहित जरूरी स्टाफ तैनात किया जाएगा। केंद्रों में कंप्यूटरीकृत रजिस्ट्रेशन, दवा वितरण, सीसीटीवी, ऑक्सीजन सुविधा और डे-केयर बेड जैसी सुविधाएं भी होंगी।
लापरवाही पर लगेगा जुर्माना
सरकार ने इन केंद्रों के संचालन को लेकर भी सख्ती रखी है। अगर किसी केंद्र पर जरूरी स्टाफ उपलब्ध नहीं होता, दवाएं या अनिवार्य जांच की सुविधा नहीं मिलती या तय स्वास्थ्य सेवाएं ठीक से नहीं दी जातीं, तो संबंधित एजेंसी पर जुर्माना लगाया जा सकता है। स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि सरकार का लक्ष्य सिर्फ स्वास्थ्य केंद्र खोलना नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि हर केंद्र नियमित रूप से चले और मरीजों को समय पर अच्छी स्वास्थ्य सुविधा मिले।
सरकार के मुताबिक, इन 30 अर्बन आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के शुरू होने से गुरुग्राम के लोगों को छोटी स्वास्थ्य समस्याओं के लिए दूर के बड़े अस्पतालों पर निर्भरता कम होगी और प्राथमिक स्तर पर ही इलाज मिल सकेगा।
