गुरुग्राम में वाहन चोरों का ऐसा कारनामा सामने आया है, जिसे देखकर आप भी सोचने पर मजबूर हो जाएंगे कि आखिर बाइक चोरी करने में चोरों को कितना वक्त लगता है?राजनगर में एक Uber राइडर ने रात करीब 1 बजे अपनी बाइक घर के बाहर लॉक करके खड़ी की थी। लेकिन सुबह जब वह काम पर जाने के लिए उठा तो बाइक गायब थी। बाद में CCTV खंगाला गया तो जो सामने आया, उसने पूरे मामले को और चौंकाने वाला बना दिया।

केवल तीन मिनट में बाइक लेकर फरार
मामला गुरुग्राम के शिवाजी नगर थाना क्षेत्र के राजनगर का है। यहां रहने वाले आकाश कुमार Uber ऐप के जरिए बाइक राइडर का काम करते हैं। 19 सितंबर की रात करीब 1 बजे उन्होंने अपनी सफेद रंग की Apache मोटरसाइकिल नंबर UP35BZ4006 को घर के बाहर लॉक करके खड़ा किया और सोने चले गए। सुबह करीब 8 बजे जब आकाश काम पर जाने के लिए बाहर निकले तो बाइक अपनी जगह पर नहीं थी। उन्होंने आसपास तलाश की और पड़ोसियों से भी पूछताछ की, लेकिन बाइक का कोई सुराग नहीं मिला।
इसके बाद आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज देखी गई। फुटेज में दो युवक बाइक के पास आते और कुछ ही देर बाद उसे लेकर जाते दिखाई दे रहे हैं।
चोरों ने ऐसे दिया वारदात को अंजाम
CCTV फुटेज के मुताबिक, चोरों को बाइक लेकर फरार होने में करीब तीन मिनट का समय लगा। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि चोर बाइक चोरी करने में माहिर थे। हालांकि बाइक का लॉक किस तरीके से खोला गया, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही होगी। CCTV फुटेज पुलिस को भी सौंप दी गई है और पुलिस इसी के आधार पर आरोपियों की पहचान और उनके रूट का पता लगाने में जुटी है।
पहले 3 हजार का चालान, फिर आया 20 हजार का मैसेज
इस मामले में एक और हैरान करने वाली बात सामने आई है। बाइक पर पहले से 16 सितंबर का करीब 3 हजार रुपये का चालान पेंडिंग था। लेकिन बाइक चोरी होने के बाद बुधवार को बाइक मालिक के पास 20 हजार रुपये के चालान का मैसेज आया। अब सवाल यह है कि चोरी हुई बाइक को चोर कहां लेकर गए और किस तरह उसका इस्तेमाल किया गया? पुलिस इस एंगल से भी मामले की जांच कर रही है।

यही बाइक थी आकाश की रोजी-रोटी
आकाश उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले के रहने वाले हैं और फिलहाल राजनगर की गली नंबर-1 में किराए के मकान में रह रहे हैं। वह Uber के साथ बाइक राइडर के तौर पर काम करके अपने परिवार का खर्च चलाते हैं। आकाश के मुताबिक, चोरी हुई बाइक उनके भाई विवेक कुमार के नाम पर रजिस्टर्ड है और इसी बाइक से वह अपनी रोजी-रोटी चला रहे थे। बाइक चोरी होने के बाद उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। पीड़ित का कहना है कि उन्होंने पुलिस को शिकायत के साथ CCTV फुटेज भी उपलब्ध करा दी है। उनका आरोप है कि अभी तक बाइक बरामद नहीं हो पाई है।
पुलिस ने दर्ज की FIR
शिवाजी नगर थाना पुलिस ने पीड़ित की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। जांच की जिम्मेदारी हेड कांस्टेबल गोविंद सिंह को दी गई है। पुलिस CCTV फुटेज के आधार पर दोनों संदिग्धों की पहचान करने और उनके आने-जाने के रास्ते का पता लगाने में जुटी है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर बाइक बरामद करने का प्रयास किया जा रहा है।
