गुरुग्राम की पॉश कॉलोनियों में रहने वाले लोगों के लिए एक बड़ी खबर! DLF, सुशांत लोक और साउथ सिटी में जिन मकानों पर बुलडोजर चल रहा था और जिन्हें सील किया जा रहा था, उस कार्रवाई पर अब सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद ब्रेक लग गया है। लेकिन सवाल है आखिर सुप्रीम कोर्ट ने कब तक रोक लगाने के निर्देश दिए हैं? क्या जिन मकानों पर कार्रवाई का डर था, उनके मालिकों को फिलहाल राहत मिल गई है? और अब आगे क्या होगा? जानिए

मकानों के खिलाफ हो चुकी है कार्रवाई
नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के डीटीपीई अमित मधोलिया के नेतृत्व में डीएलएफ, सुशांत लोक और साउथ सिटी समेत गुरुग्राम की बिल्डर कॉलोनियों में अवैध निर्माण और घरों में व्यावसायिक गतिविधियां चलाने के मामलों में कार्रवाई की गई है। अब तक करीब 160 मकानों के खिलाफ कार्रवाई हो चुकी है। विभाग की इस कार्रवाई के तहत नियमों का उल्लंघन करने वाले मकानों पर तोड़फोड़ और सीलिंग की कार्रवाई की जा रही थी। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट के नए निर्देश के बाद फिलहाल इस कार्रवाई पर अस्थायी रोक लग गई है।
सुप्रीम कोर्ट ने कब तक के लिए लगाई रोक
सुप्रीम कोर्ट में गौरव कोहली बनाम हरियाणा सरकार मामले की सुनवाई के दौरान बिल्डर कॉलोनियों में नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग की कार्रवाई से जुड़े मुद्दे पर विचार किया गया। याचिका में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी गई है, जो विभाग के अधिकार क्षेत्र से संबंधित है। सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल दो सप्ताह तक तोड़फोड़ और सीलिंग की कार्रवाई रोकने के निर्देश दिए हैं। साथ ही संकेत दिया है कि अगली सुनवाई में मामले पर विचार करके विशेष अनुमति याचिका (SLP) का निपटारा किया जाएगा।

कब होगी सुनवाई?
सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद गुरुग्राम की बिल्डर कॉलोनियों में कार्रवाई को लेकर अगली सुनवाई अहम मानी जा रही है। अब 3 नवंबर को होने वाली सुनवाई में यह स्पष्ट होगा कि मामले में आगे क्या फैसला आता है और विभाग की कार्रवाई को लेकर क्या दिशा तय होती है।
