गुरुग्राम नगर निगम (MCG) में सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव समय पर नहीं कराए जाने के मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। हाईकोर्ट ने अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए नगर निगम आयुक्त समेत सभी संबंधित प्रतिवादियों को नोटिस जारी किया है।

अदालत ने प्रतिवादियों को अपना जवाब दाखिल करने के लिए समय दिया है और मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर 2026 तय की है। साथ ही कोर्ट ने इस मामले को अर्जेंट सूची में रखने के निर्देश भी दिए हैं।
क्या है पूरा मामला?
यह अवमानना याचिका याचिकाकर्ता रोहित मदान की ओर से दायर की गई है। याचिका में कहा गया है कि 5 मार्च 2026 को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान हरियाणा सरकार ने आश्वासन दिया था कि गुरुग्राम नगर निगम में सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव आठ सप्ताह के भीतर करा दिए जाएंगे।
सरकार के इसी आश्वासन के आधार पर अदालत ने उस समय याचिका का निस्तारण कर दिया था।
कोर्ट की तय समय सीमा खत्म, फिर भी नहीं हुए चुनाव
याचिका में कहा गया है कि हाईकोर्ट द्वारा तय की गई आठ सप्ताह की समय सीमा काफी पहले समाप्त हो चुकी है, लेकिन अब तक दोनों पदों के लिए चुनाव नहीं कराए गए हैं।
याचिकाकर्ता ने इसे अदालत के आदेश की जानबूझकर अवहेलना बताते हुए संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई करने की मांग की है।
सुनवाई के दौरान क्या हुआ?
सुनवाई के दौरान प्रतिवादियों की ओर से पेश अधिवक्ता ने हाईकोर्ट का नोटिस स्वीकार किया और जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा। इस पर न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता की अदालत ने जवाब दाखिल करने का अवसर देते हुए मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर तय कर दी। साथ ही निर्देश दिया कि इस मामले को अर्जेंट सूची में शामिल किया जाए।
