अमेरिका का नंबर, गैंगस्टर का डर और फिरौती की मांग… पुलिस ने खोला बड़ा राज!

फोन पर विदेशी नंबर दिखाई दिया। कॉल करने वाले ने खुद को विदेश में बैठे गैंगस्टर का गुर्गा बताया और शराब ठेकेदार से लाखों रुपये की फिरौती मांग ली। साथ ही पैसे नहीं देने पर गंभीर अंजाम भुगतने की धमकी भी दी। लेकिन इस पूरे मामले के पीछे की कहानी कुछ और ही निकली। गुरुग्राम पुलिस ने एक नाबालिग समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि विदेशी नंबर का इस्तेमाल कर फिरौती मांगने की योजना बनाई गई थी।

कब आया था धमकी भरा फोन
पुलिस के मुताबिक, 25 अक्टूबर को दोपहर करीब 12:41 बजे एक शराब ठेकेदार के पास विदेशी नंबर से कॉल आया था। फोन करने वाले ने खुद को अमेरिका से बोलने वाला बताया और विदेश में बैठे एक गैंगस्टर का गुर्गा होने का दावा किया। इसके बाद ठेकेदार से लाखों रुपये की फिरौती मांगी गई और पैसे नहीं देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। सुरक्षा कारणों से पुलिस ने ठेकेदार की पहचान और फिरौती की रकम सार्वजनिक नहीं की है।

युवक और नाबालिग की गिरफ्तारी

मामले की जांच करते हुए क्राइम ब्रांच फर्रुखनगर की टीम ने 29 अक्टूबर को दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें 25 वर्षीय सुमित शामिल है, जो सिकंदरपुर बढ़ा का रहने वाला है। उसके साथ 15 साल के एक नाबालिग को भी पकड़ा गया है। पुलिस के अनुसार, सुमित दसवीं तक पढ़ा है और गुरुग्राम कोर्ट में एक वकील के पास मुंशी का काम करता था। वहीं नाबालिग आठवीं कक्षा में पढ़ता है।

कैसे बनाया प्लान
पुलिस की शुरुआती पूछताछ में सामने आया है कि सुमित ने इंटरनेट से जानकारी जुटाकर वर्चुअल विदेशी नंबर हासिल किया था। आरोप है कि उसने नाबालिग के साथ मिलकर ठेकेदार से फिरौती मांगने की योजना बनाई। योजना के तहत नाबालिग ने ठेकेदार को फोन किया। अगर ठेकेदार फिरौती देने के लिए तैयार हो जाता, तो सुमित को रकम लेने की जिम्मेदारी निभानी थी। हालांकि, पुलिस अभी इस मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

क्या विदेशी नंबर से कॉल करने पर बच सकते हैं अपराधी?
पुलिस अब आरोपियों के मोबाइल फोन बरामद करने की कोशिश कर रही है, ताकि कॉल और वर्चुअल नंबर से जुड़ी जानकारी जुटाई जा सके। एसीपी क्राइम इंदिवर ने साफ किया है कि वर्चुअल नंबर का इस्तेमाल करने से कोई अपराधी पूरी तरह छिप नहीं सकता। साइबर और तकनीकी जांच के जरिए ऐसे नंबरों का इस्तेमाल करने वालों तक पहुंचा जा सकता है। फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस साजिश में इनके अलावा कोई और व्यक्ति शामिल था या नहीं।

More From Author

गलत पार्किंग या महंगी गलती? गुरुग्राम पुलिस ने लगाया ₹3 करोड़ से ज्यादा जुर्माना!

5 करोड़ का प्लान तैयार! ओल्ड रेलवे रोड पर किसका हटेगा कब्जा, कब बदलेगी सड़क की तस्वीर?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *