गुरुग्राम में एक ऐसा गैंग बनाने की तैयारी चल रही थी, जिसके पीछे पुरानी रंजिश, हत्या का बदला और पैसों का विवाद वजह बने हुए थे। जेल से बाहर आते ही एक आरोपी ने अपना गैंग बनाने की योजना बनाई और हथियार जुटाने शुरू कर दिए। लेकिन इससे पहले कि उसका प्लान कामयाब होता, गुरुग्राम पुलिस ने उसे उसके साथी के साथ दबोच लिया।

कौन थे अपराधी
गुरुग्राम पुलिस की अपराध शाखा सेक्टर-40 की टीम ने 29 अक्टूबर 2026 को सेक्टर-112, बजघेड़ा से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों की पहचान दीपक (27), निवासी जाटी कलां, सोनीपत और राहुल (28), निवासी नांगल कलां, सोनीपत के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के कब्जे से 5 पिस्टल, 11 मैगजीन और एक कार बरामद की गई है। इस संबंध में थाना बजघेड़ा में आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।
जेल से बाहर आते ही गैंग बनाने का प्लान
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि मुख्य आरोपी दीपक साल 2019 से 2025 तक हत्या और अन्य आपराधिक मामलों में जेल में बंद रहा था। दिसंबर 2025 में हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद वह जेल से बाहर आया। पुलिस के अनुसार, जेल से बाहर आने के बाद दीपक ने अपना गैंग बनाने की योजना बनाई और अपने साथी राहुल समेत कुछ अन्य लोगों को इसमें शामिल किया।

विवाद बना हथियार जुटाने की वजह
पुलिस पूछताछ में दीपक ने बताया कि कुछ लोगों से पैसों को लेकर उसका विवाद चल रहा था। इसके अलावा साल 2015 में सोनीपत में उसके बुआ के बेटे की हत्या हुई थी, जिसका बदला लेने की भी योजना थी। वहीं, साल 2018 में दीपक पर अपने ही गांव के सतबीर की हत्या करने का आरोप है। पुलिस के मुताबिक, इस मामले के बाद सतबीर के बेटों से भी उसकी दुश्मनी थी और उसे बदला लिए जाने का डर था। इन्हीं विवादों और रंजिशों के चलते दीपक ने मध्य प्रदेश के खरगोन जिले से करीब 3 लाख रुपये में हथियार खरीदे थे।
हथियार पहुंचाने का आरोप
पुलिस पूछताछ में एक और अहम जानकारी सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, दीपक ने दिल्ली के द्वारका में हुई छीना-झपटी और लूट की एक वारदात के मुख्य आरोपी को भी हथियार उपलब्ध कराए थे।
कई आपराधिक मामले दर्ज
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, दीपक के खिलाफ गुरुग्राम, सोनीपत, रेवाड़ी और दिल्ली में कुल 8 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें हत्या, हत्या का प्रयास, लूट, डकैती, चोरी, फिरौती के लिए अपहरण और आर्म्स एक्ट जैसी गंभीर धाराएं शामिल हैं। फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है और मामले की जांच जारी है। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और हथियारों की सप्लाई कहां-कहां की जानी थी।
