गुरुग्राम के सेक्टर-99 से 115 के बीच रहने वाले हजारों लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। जल्द ही करीब 2 किलोमीटर लंबी राघोपुर रोड बनने जा रही है। खास बात ये है कि इस सड़क के बनने के बाद आसपास के छोटे सफर के लिए लोगों को बार-बार द्वारका एक्सप्रेसवे पर जाने और टोल देने की जरूरत नहीं पड़ेगी। यह सड़क सेक्टर-108-109 डिवाइडिंग रोड को सेक्टर-112-113 से जोड़ेगी। इससे आसपास के इलाकों के बीच आने-जाने के लिए एक नया और बिना टोल वाला रास्ता मिल जाएगा।

अभी एक्सप्रेसवे से जाना पड़ता है
फिलहाल सेक्टर-99 से 115 और आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों को एक जगह से दूसरी जगह जाने के लिए कई बार द्वारका एक्सप्रेसवे का सहारा लेना पड़ता है। दूरी कम होने के बावजूद एक्सप्रेसवे पर पहुंचने के बाद टोल देना पड़ता है। राघोपुर रोड बनने के बाद लोगों को छोटे सफर के लिए एक्सप्रेसवे पर जाने की जरूरत कम होगी। इससे टोल के साथ-साथ समय और ईंधन की भी बचत हो सकती है।
सड़क बनने से पहले पानी की निकासी पर फोकस
सड़क निर्माण से पहले सबसे बड़ी चिंता बारिश के पानी की निकासी को लेकर है। दिल्ली सरकार की सहमति मिलने के बाद सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने गुरुवार को मौके का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने सड़क की मौजूदा स्थिति, ढलान, बारिश के पानी के प्राकृतिक बहाव और पानी निकालने के संभावित रास्तों को देखा। इस दौरान गुरुग्राम के प्रभावित इलाकों और राघोपुर गांव के लोगों से भी सुझाव लिए गए।
अब यह तय किया जाना है कि दिल्ली की तरफ से आने वाले बारिश के पानी को हरियाणा की ड्रेनेज व्यवस्था से जोड़ा जाए या दिल्ली की तरफ मौजूद नाले/बांध की ओर निकाला जाए। जल निकासी का रास्ता तय होने के बाद सड़क निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
किन लोगों को होगा फायदा
द्वारका एक्सप्रेसवे गुरुग्राम डेवलपमेंट एसोसिएशन के उप-संयोजक सुनील सरीन के मुताबिक, इस सड़क का फायदा करीब 50 सोसायटियों और करीब 12 गांवों के लोगों को मिलेगा। इनमें दौलताबाद, खेड़की माजरा, जहाजगढ़, धनकोट और धर्मपुर समेत आसपास के कई गांव शामिल हैं।
मंत्री ने भी की बातचीत
राघोपुर रोड का काम जल्द शुरू हो, इसके लिए हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने दिल्ली के विधायक संदीप सहरावत से भी बातचीत की है। दिल्ली सरकार की सहमति और मौके के निरीक्षण के बाद अब सड़क निर्माण की दिशा में अगला कदम जल निकासी की व्यवस्था तय करना है। अगर यह सड़क बनती है तो सेक्टर-99 से 115 के बीच रहने वाले लोगों को द्वारका एक्सप्रेसवे के मुकाबले एक सीधा और बिना टोल वाला वैकल्पिक रास्ता मिल जाएगा।
