गुरुग्राम। कई दिनों से भीषण गर्मी और उमस की मार झेल रहे गुरुग्रामवासियों को सोमवार को हुई झमाझम बारिश ने राहत जरूर दी, लेकिन यह राहत ज्यादा देर तक खुशियां नहीं ला सकी। कुछ ही घंटों की बारिश ने शहर की जल निकासी व्यवस्था, नगर निगम की तैयारियों और प्रशासन के दावों की हकीकत सबके सामने ला दी। सड़कें तालाब बन गईं, NH-48 की सर्विस लेन पर पानी भर गया, कई वाहन बीच रास्ते में बंद हो गए और शहर के वीवीआईपी इलाके में सड़क तक धंस गई।

बारिश से बदला मौसम, लोगों ने ली राहत की सांस
सुबह से ही गुरुग्राम में बादल छाए रहे और दोपहर होते-होते तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश के साथ ही तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे कई दिनों से गर्मी और उमस से परेशान लोगों को बड़ी राहत मिली। पार्कों, बाजारों और कॉलोनियों में लोग सुहावने मौसम का आनंद लेते नजर आए।

लेकिन राहत के साथ ही शहर की पुरानी समस्या एक बार फिर सामने आ गई।
सिर्फ कुछ घंटों की बारिश और सड़कें बनीं तालाब
बारिश शुरू होने के महज आधे घंटे के भीतर ही शहर के कई प्रमुख चौराहों और सड़कों पर पानी भर गया। सुभाष चौक, राजीव चौक, बजघेड़ा, राजेंद्र पार्क और कई रिहायशी इलाकों में जलभराव हो गया। कई जगह पानी इतना भर गया कि दोपहिया वाहन चालकों को रास्ता बदलना पड़ा।

VIP रोड धंसी, दो गाड़ियां फंसी
सबसे गंभीर मामला सिविल लाइन रोड पर सामने आया, जिसे शहर की वीवीआईपी रोड माना जाता है। भारी बारिश के कारण सड़क का एक हिस्सा अचानक धंस गया। उसी जगह खड़ी एक टोयोटा कार और एक स्कॉर्पियो गाड़ी के पहिए गड्ढे में फंस गए।
जानकारी के अनुसार, इस सड़क पर कुछ समय पहले सीवर पाइपलाइन डालने के लिए खुदाई की गई थी। बारिश के कारण मिट्टी बैठ गई और सड़क धंस गई।
मौके पर मौजूद लोगों ने पहले टोयोटा कार को धक्का लगाकर बाहर निकाला। वहीं स्कॉर्पियो को निकालने के लिए थार गाड़ी बुलानी पड़ी। रस्सी बांधकर काफी मशक्कत के बाद वाहन को बाहर निकाला गया। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

100 मीटर दूर DC की कोठी, फिर भी बदहाल सड़क
हैरानी की बात यह है कि जिस सड़क पर यह घटना हुई, वहां से करीब 100 मीटर की दूरी पर उपायुक्त (DC) का सरकारी आवास है। वहीं नगर निगम आयुक्त और हरियाणा सरकार के मंत्री का आवास भी इसी इलाके में है। इसी वजह से इसे शहर की वीवीआईपी रोड कहा जाता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब शहर के सबसे अहम इलाके की सड़क का यह हाल है, तो बाकी इलाकों की स्थिति का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।

NH-48 की सर्विस लेन बनी नदी, कई वाहन बंद
दिल्ली-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-48) पर भी बारिश का बड़ा असर देखने को मिला। खासकर सर्विस लेन पूरी तरह पानी में डूब गई। कई जगह पानी इतना भर गया कि कारें और ऑटो बीच सड़क पर ही बंद हो गए।
जलभराव के कारण वाहन चालकों को काफी देर तक इंतजार करना पड़ा और कई लोगों को वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ा।
लंबा ट्रैफिक जाम, ऑफिस जाने वालों की बढ़ी परेशानी
बारिश और जलभराव के कारण NH-48 समेत शहर की कई प्रमुख सड़कों पर लंबा जाम लग गया। दिल्ली से गुरुग्राम आने वाले और गुरुग्राम से जयपुर की ओर जाने वाले हजारों वाहन चालक घंटों तक ट्रैफिक में फंसे रहे। ऑफिस जाने वाले लोगों और स्कूल बसों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
मानसून से पहले किए गए दावों पर उठे सवाल
हर साल मानसून से पहले नगर निगम की ओर से नालों की सफाई और जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त करने के दावे किए जाते हैं। लेकिन पहली ही तेज बारिश ने इन तैयारियों की पोल खोल दी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते ड्रेनेज सिस्टम की सही तरीके से सफाई और मरम्मत की जाती, तो शहर को हर साल जलभराव और ट्रैफिक जाम जैसी समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ता।
एक बारिश… और फिर वही सवाल
गर्मी से राहत देने वाली इस बारिश ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर गुरुग्राम कब जलभराव की समस्या से पूरी तरह मुक्त होगा? करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद अगर कुछ घंटों की बारिश में सड़कें धंस जाएं और हाईवे पानी में डूब जाए, तो शहर की आधारभूत सुविधाओं पर सवाल उठना लाजिमी है।
