इस बार गुरुग्राम में मानसून जमकर बरस रहा है। 1 जून से 8 अगस्त तक शहर में 331.3 एमएम बारिश दर्ज की जा चुकी है। यह सामान्य से ही नहीं, बल्कि पिछले साल की तुलना में भी काफी अधिक है। बीते वर्ष इसी अवधि में गुरुग्राम में करीब 200 एमएम बारिश दर्ज हुई थी।

यानी इस मानसून सीजन में अब तक पिछले साल के मुकाबले करीब 65 फीसदी ज्यादा बारिश हो चुकी है। खास बात यह है कि इस पूरे आंकड़े में अगस्त के शुरुआती दिनों की बारिश का बड़ा योगदान रहा है।
अगस्त के 8 दिनों में ही 138.2 MM बारिश
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, 1 अगस्त से 8 अगस्त के बीच गुरुग्राम में 138.2 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई है।
यानि सिर्फ आठ दिनों में ही शहर में इतनी बारिश हुई, जो पूरे मानसून के कुल आंकड़े का बड़ा हिस्सा है। लगातार हो रही बारिश के कारण शहर के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति भी देखने को मिली है।
गर्मी और उमस से मिली राहत
बारिश का असर तापमान पर भी दिखाई दे रहा है। लगातार बारिश के कारण तापमान में गिरावट आई है और लोगों को लंबे समय से परेशान कर रही उमस भरी गर्मी से राहत मिली है।

सुबह और शाम के समय मौसम में ठंडक महसूस की जा रही है। बारिश ने जहां लोगों को गर्मी से राहत दी है, वहीं लगातार बारिश ने शहर की जल निकासी व्यवस्था की भी परीक्षा लेनी शुरू कर दी है।
बारिश बढ़ी तो ड्रेनेज सिस्टम पर बढ़ा दबाव
गुरुग्राम में कम समय में तेज बारिश होने के कारण निचले इलाकों में पानी जमा होने की समस्या बढ़ गई है। लगातार बारिश के चलते कई जगहों पर सड़कों और आसपास के क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बन रही है।
शहर में पहले से जलभराव वाले इलाकों के लिए इतनी अधिक बारिश बड़ी चुनौती बन रही है। आने वाले दिनों में अगर बारिश का दौर जारी रहता है, तो जल निकासी व्यवस्था पर दबाव और बढ़ सकता है।
पिछले साल से काफी ज्यादा बारिश
बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो इस साल और पिछले साल के बीच बड़ा अंतर दिखाई देता है।
अवधि 2025 2026
1 जून से 8 अगस्त करीब 200 MM 331.3 MM
1 से 8 अगस्त — 138.2 MM
इससे साफ है कि इस साल अगस्त की शुरुआत में हुई बारिश ने पूरे मानसून के आंकड़े को तेजी से बढ़ाया है।
फिलहाल बारिश ने गुरुग्राम के लोगों को गर्मी से राहत जरूर दी है, लेकिन शहर के निचले इलाकों के लिए यही बारिश जलभराव और ट्रैफिक की नई परेशानी भी लेकर आई है।
