गुरुग्राम की सड़कों से अचानक गायब होंगे आवारा कुत्ते और पशु? MCG ने शुरू किया बड़ा अभियान

गुरुग्राम में सड़कों पर घूमने वाले आवारा कुत्तों और पशुओं को लेकर नगर निगम ने अब तक कितनी कार्रवाई की है? आंकड़े सामने आए तो तस्वीर काफी बड़ी नजर आई। नगर निगम गुरुग्राम की रिपोर्ट के मुताबिक, 25 सितंबर 2026 तक शहर में आवारा कुत्तों की नसबंदी और कुत्तों का टीकाकरण किया जा चुका है। वहीं खुले में घूम रहे पशुओं को पकड़कर सभी की टैगिंग की गई है।

MCG का कहना है कि यह अभियान सिर्फ आवारा पशुओं को सड़कों से हटाने तक सीमित नहीं है, बल्कि कुत्तों की आबादी को नियंत्रित करने, रेबीज जैसी बीमारियों की रोकथाम और नागरिकों की सुरक्षा के लिए क्षेत्रवार तरीके से कार्रवाई की जा रही है।

कई इलाकों में 100% टीकाकरण और नसबंदी
नगर निगम के अनुसार, गुरुग्राम के कई गांवों और सेक्टरों में आवारा कुत्तों के 100 प्रतिशत टीकाकरण और नसबंदी का लक्ष्य पूरा किया जा चुका है। इनमें कन्हई, वजीराबाद, सिलोखरा, सैनी खेड़ा और चक्करपुर के अलावा अशोक विहार फेज-1, फेज-2 और फेज-3 शामिल हैं। इसके साथ ही कई सेक्टरों में भी अभियान पूरा होने का दावा किया गया है। इनमें सेक्टर-4, 5, 10, 10ए, 12, 12ए, 15 पार्ट-1, 15 पार्ट-2, 27, 28, 30, 31, 38, 40, 41, 44, 45, 46, 47 और 52 शामिल हैं।

कितने कुत्तों का हुआ टीकाकरण ?
एमसीजी की रिपोर्ट के मुताबिक, 25 सितंबर तक 7,028 आवारा कुत्तों का टीकाकरण किया गया है। इसके अलावा 2,615 कुत्तों की नसबंदी की जा चुकी है। नगर निगम अब इस अभियान को दूसरे इलाकों तक भी ले जाने की तैयारी में है। क्षेत्रवार अभियान के जरिए आवारा कुत्तों की पहचान कर उन्हें टीकाकरण और नसबंदी कार्यक्रम में शामिल किया जा रहा है।

खुले में घूमने वाले पशु पकड़े
आवारा कुत्तों के साथ-साथ सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर खुले में घूमने वाले पशुओं के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है। रिपोर्ट के अनुसार, 25 सितंबर तक 1,248 पशुओं को पकड़ा गया है और पकड़े गए सभी पशुओं की टैगिंग की गई है। टैगिंग के जरिए पशुओं की पहचान और उनका रिकॉर्ड रखने में मदद मिलेगी। इससे भविष्य में खुले में घूमने वाले पशुओं की निगरानी और उनके प्रबंधन को व्यवस्थित करने में भी मदद मिल सकती है।

गुरुग्राम में आवारा कुत्तों और खुले में घूमने वाले पशुओं को लेकर लंबे समय से नागरिकों की शिकायतें सामने आती रही हैं। ऐसे में एमसीजी के ये आंकड़े कार्रवाई की बड़ी तस्वीर तो दिखाते हैं, लेकिन अभियान का वास्तविक असर शहर की सड़कों पर कितना दिखाई देता है, यह आने वाले समय में महत्वपूर्ण रहेगा। फिलहाल नगर निगम का कहना है कि टीकाकरण, नसबंदी, पशुओं को पकड़ने और टैगिंग की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी, ताकि शहर में पशु प्रबंधन की व्यवस्था को और बेहतर किया जा सके।

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