गुरुग्राम में अब घर-घर उठेगा कचरा ? कब से बदलेगी पूरी व्यवस्था?

गुरुग्राम में कचरा उठाने से लेकर सड़कों की सफाई तक पूरी व्यवस्था की समीक्षा की गई है। सबसे बड़ी बात ये है कि डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन के टेंडर की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और जल्द ही वर्क ऑर्डर जारी किया जाएगा।

गुरुग्राम में सफाई और कचरा प्रबंधन को लेकर प्रशासन अब व्यवस्था को और बेहतर करने की तैयारी में है। स्वच्छ भारत मिशन (शहरी), हरियाणा के स्टेट लेवल टास्क फोर्स के वाइस चेयरमैन प्रमोद कौशिक ने गुरुग्राम के PWD रेस्ट हाउस में अधिकारियों के साथ बैठक कर शहर की सफाई व्यवस्था की समीक्षा की। बैठक में सफाई कर्मचारियों की उपस्थिति, घर-घर से कचरा उठाने की व्यवस्था, कचरा प्रोसेसिंग, लीगेसी वेस्ट, सड़कों की स्वीपिंग और शहर में दिखाई देने वाली सफाई व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा हुई।

कचरा उठाने को लेकर बड़ी अपडेट
बैठक में डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन को लेकर अहम जानकारी सामने आई। प्रमोद कौशिक ने बताया कि कचरा संग्रहण से जुड़े टेंडर की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।अब जल्द ही वर्क ऑर्डर जारी किया जाएगा। इसके बाद घर-घर से कचरा उठाने की व्यवस्था को ज्यादा व्यवस्थित और प्रभावी बनाने पर काम किया जाएगा।

जलभराव पर भी हुई चर्चा
बैठक में गुरुग्राम की जल निकासी व्यवस्था को लेकर भी चर्चा हुई। प्रमोद कौशिक ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में शहर की ड्रेनेज व्यवस्था को बेहतर करने के लिए लगातार काम किया गया है। उनके मुताबिक इस बार सामान्य से ज्यादा बारिश होने के बावजूद कई जगहों पर जलभराव की स्थिति को कुछ ही घंटों में कंट्रोल कर पानी की निकासी की गई। आने वाले समय में ड्रेनेज सिस्टम को और मजबूत करने पर भी काम जारी रहेगा, ताकि ज्यादा बारिश होने पर पानी की निकासी कम समय में हो सके।

कब चलेगा सेवा संकल्प अभियान
बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन से 17 अक्टूबर तक चल रहे सेवा संकल्प अभियान को लेकर भी अधिकारियों के साथ चर्चा हुई। अधिकारियों को सफाई व्यवस्था से जुड़े कामों की लगातार निगरानी करने और जहां सुधार की जरूरत है, वहां समय पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। सिर्फ प्रशासन और सफाई कर्मचारियों के भरोसे शहर को साफ रखने के बजाय अब RWA, NGO, सामाजिक संस्थाओं और निजी संस्थानों को भी सफाई अभियानों से जोड़ने की तैयारी है।

प्रमोद कौशिक ने कहा कि स्वच्छता सिर्फ प्रशासन या सफाई कर्मचारियों की जिम्मेदारी नहीं है। आम लोगों की सोच और व्यवहार में बदलाव भी जरूरी है। नागरिकों की भागीदारी से ही सफाई व्यवस्था को लंबे समय तक बेहतर रखा जा सकता है।

बैठक में अधिकारियों को स्वच्छता से जुड़े सभी कामों की नियमित निगरानी करने और कमियों को समय पर दूर करने के निर्देश दिए गए हैं। अब देखना होगा कि टेंडर के बाद घर-घर कचरा उठाने का नया सिस्टम जमीन पर कब से दिखाई देता है और गुरुग्राम की सफाई व्यवस्था में कितना बदलाव आता है। बैठक में संयुक्त आयुक्त प्रीतपाल सिंह, संयुक्त आयुक्त कुशल कटारिया, संयुक्त आयुक्त डॉ. नरेश, संयुक्त आयुक्त रविंद्र मलिक सहित संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

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