गुरुग्राम में पहुंचा ‘तबाही’ किया क्या

गुरुग्राम शहर की सड़कों और खाली जगहों पर कचरा देखना आम बात हो गई है। लेकिन गुरुग्राम के खेड़की दौला के पास जब एक जगह पर प्लास्टिक और कचरे का ढेर दिखा, तो एक शख्स खुद सफाई करने मैदान में उतर गया। खास बात ये है कि इस अभियान में हजारों किलो कचरा हटाया गया।

यहां बात हो रही है सुरेंद्र सिंह चौधरी, जिन्हें लोग बिट्टू तबाही के नाम से जानते हैं। उनका CleanWithBittu अभियान अब मध्य प्रदेश से निकलकर दिल्ली-NCR तक पहुंच गया है।

गुरुग्राम में सफाई अभियान
बिट्टू और उनकी टीम ने तीन दिन के सफाई अभियान की शुरुआत 20 सितंबर को दिल्ली से की थी। दिल्ली में टीम ने करीब 585 किलो कचरा इकट्ठा किया। इसके अगले दिन अभियान गुरुग्राम पहुंचा। टीम ने खेड़की दौला के पास कचरे से भरे एक इलाके में सफाई शुरू की। बिट्टू के सोशल मीडिया पोस्ट के मुताबिक, गुरुग्राम में अभियान के दौरान करीब 2,435 किलो कचरा हटाया गया। इस सफाई अभियान में आसपास के कुछ स्थानीय लोग भी टीम के साथ जुड़ गए और कचरा हटाने में मदद की।

प्लास्टिक देखकर बताई बड़ी चिंता

बिट्टू की ओर से शेयर किए गए वीडियो में वह अपनी टीम के साथ खेड़की दौला पहुंचते नजर आते हैं। इलाके में जगह-जगह प्लास्टिक और दूसरे तरह का कचरा पड़ा था। बिट्टू ने खास तौर पर आवारा पशुओं के लिए प्लास्टिक से होने वाले खतरे की बात कही। उनका कहना था कि खाना तलाशते समय पशु गलती से प्लास्टिक भी खा सकते हैं, जिससे उनके लिए परेशानी खड़ी हो सकती है।

कहाँ चलेगा अगला सफाई अभियान
दिल्ली और गुरुग्राम के बाद इस अभियान का अगला पड़ाव नोएडा रहा। बिट्टू ने नोएडा के सेक्टर-94 स्थित युवा शक्ति घाट पर सफाई अभियान की घोषणा की और लोगों से सुबह 6 बजे पहुंचकर इस मुहिम में शामिल होने की अपील की। यानी एक शहर से शुरू हुआ ये सफाई अभियान अब दिल्ली-NCR के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंच चुका है।

कहां से शुरू हुई बिट्टू की ये मुहिम?

बिट्टू का सफाई अभियान अचानक शुरू नहीं हुआ। इसकी शुरुआत मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा से हुई थी। वहां अजनार नदी के आसपास बड़ी मात्रा में प्लास्टिक, गंदगी, कीचड़ और दूसरे कचरे को देखकर उन्होंने खुद सफाई शुरू करने का फैसला किया। उन्होंने 26 जनवरी 2026 को सफाई अभियान शुरू किया था। शुरुआत में कुछ दोस्त उनके साथ जुड़े, लेकिन बाद में उन्होंने काफी काम खुद ही जारी रखा।

सफाई के दौरान झेलीं कई परेशानियां
अजनार नदी की सफाई के दौरान बिट्टू को कई मुश्किलों का सामना भी करना पड़ा। उन्होंने बताया कि नदी और उसके आसपास काम करने के दौरान उन्हें इंफेक्शन, त्वचा में तेज जलन और सांपों से सामना जैसी परेशानियां भी झेलनी पड़ीं। इस अभियान के लिए जरूरी सामान और उपकरणों पर होने वाला खर्च भी उन्होंने काफी हद तक अपनी बचत से उठाया।

विदेश तक पहुंची बिट्टू की कहानी
अजनार नदी की सफाई के दौरान बिट्टू के काम की चर्चा धीरे-धीरे काफी दूर तक पहुंची। रिपोर्ट के मुताबिक, उनकी मुहिम ने The Ocean Cleanup के संस्थापक और CEO Boyan Slat का भी ध्यान खींचा। बताया गया है कि उन्होंने बिट्टू को नौकरी का ऑफर भी दिया। अब बिट्टू अपनी CleanWithBittu मुहिम के जरिए अलग-अलग शहरों में लोगों को सार्वजनिक जगहों और नदी किनारे सफाई के लिए जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं।

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