गुरुग्राम के चर्चित मानेसर जमीन मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ा एक्शन लिया है। ED की चंडीगढ़ जोन-1 टीम ने बिल्डर ग्रुप TDI Infrastructure और TDI Infratech से जुड़े दिल्ली, गुरुग्राम और मोहाली स्थित ठिकानों पर लगातार तीन दिन तक तलाशी अभियान चलाया। कार्रवाई शुक्रवार देर रात तक जारी रही। ED के मुताबिक, तलाशी के दौरान करीब 8 करोड़ रुपये कीमत की लग्जरी गाड़ियां, कई वित्तीय दस्तावेज और डिजिटल उपकरण जब्त किए गए हैं। जब्त वाहनों में महंगे ब्रांड की कारें शामिल हैं।

किन लग्जरी गाड़ियों पर हुई कार्रवाई?
ED की जानकारी के अनुसार, TDI ग्रुप से जुड़े परिसरों से कई महंगी गाड़ियां जब्त की गईं। इनमें प्रमुख रूप से:
Range Rover — करीब 4.50 करोड़ रुपये
Mercedes-Benz S-Class — करीब 1.80 करोड़ रुपये
Mercedes-Benz E-Class — करीब 90 लाख रुपये
Lexus ES — करीब 72 लाख रुपये
इसके अलावा जांच टीम ने कंप्यूटर, हार्ड डिस्क, डिजिटल डिवाइस, मुख्य सर्वर और कई प्रोजेक्ट फाइलें भी अपने कब्जे में ली हैं।

जमीन की खरीद-बिक्री से जुड़ा है मामला
यह पूरा मामला गुरुग्राम के मानेसर, नौरंगपुर और लखनौला इलाके से जुड़ा बताया जा रहा है। ED की जांच के मुताबिक, वर्ष 2005 से 2007 के बीच इन क्षेत्रों में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही थी। जांच एजेंसियों के आरोप के मुताबिक, इसी दौरान TDI ग्रुप से जुड़ी तीन कंपनियों Indo Asian Construction, NCR Properties और Divya Jyoti Enterprises के जरिए किसानों से करीब 33 एकड़ जमीन खरीदी गई।
आरोप है कि किसानों को जमीन के सरकारी अधिग्रहण का डर दिखाकर कम कीमत पर जमीन खरीदी गई। बाद में अधिग्रहण प्रक्रिया रद्द होने के बाद इसी जमीन को दूसरे ग्रुप को ज्यादा कीमत पर बेच दिया गया।
ED के मुताबिक कई करोड़ का नेट अवैध मुनाफा
ED की मनी ट्रेल जांच के अनुसार, 33 एकड़ जमीन की खरीद और उसके बाद दोबारा बिक्री के बीच करीब 3.12 करोड़ रुपये का नेट अवैध मुनाफा कमाया गया।हालांकि, जांच एजेंसियों के दस्तावेजों में इस पूरे मामले को 1,500 करोड़ रुपये से ज्यादा के कथित घोटाले से जोड़कर देखा गया है। यहां अलग-अलग आंकड़े किस आधार पर हैं, इसे लेकर अंतिम तस्वीर जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

CBI ने पहले भी दर्ज की थी FIR
मानेसर जमीन मामले में 2015 में CBI ने FIR दर्ज की थी। इसी FIR को आधार बनाकर ED ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम यानी PMLA के तहत जांच शुरू की।
जांच एजेंसियों के अनुसार, TDI ग्रुप ने कथित तौर पर जमीन की खरीद-बिक्री में बिचौलिए की भूमिका निभाई और सरकारी अधिग्रहण की प्रक्रिया से जुड़े हालात का फायदा उठाया।
अब ED की नजर मनी ट्रेल पर
तीन दिन चली कार्रवाई में सिर्फ महंगी गाड़ियां ही नहीं, बल्कि कई डिजिटल और वित्तीय रिकॉर्ड भी जब्त किए गए हैं। ED अब इन दस्तावेजों और बैंकिंग ट्रांजैक्शन की जांच कर रही है। जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि जमीन की खरीद-बिक्री से कथित तौर पर हासिल रकम कहां-कहां गई और क्या इसे अन्य रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स या संपत्तियों में लगाया गया।
