गुरुग्राम में होने जा रहा बड़ा बदलाव! अब इन गांवों की जमीन पर शुरू हुई बड़ी तैयारी

गुरुग्राम में ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो परियोजना अब कागजों से निकलकर जमीन पर तेजी से आगे बढ़ती दिखाई दे रही है। परियोजना के पहले चरण के तहत भूमि अधिग्रहण विभाग ने जमीन खरीदने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए गांव कन्हई, इस्लामपुर और बसई की करीब 11 हजार वर्ग मीटर जमीन अधिग्रहित की जाएगी। हालांकि नोटिस जारी होते ही कई जमीन मालिकों ने अपनी आपत्तियां भी दर्ज करानी शुरू कर दी हैं।

मेट्रो परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होने के बाद प्रभावित गांवों में हलचल बढ़ गई है। कई लोगों का कहना है कि जमीन से जुड़े मुद्दों और मुआवजे को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है, इसलिए आपत्तियां दाखिल की जा रही हैं।

इस्लामपुर में सबसे ज्यादा जमीन की जरूरत
गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड (GMRL) के अनुसार मेट्रो स्टेशन निर्माण और ट्रैक बिछाने के लिए सबसे अधिक जमीन गांव इस्लामपुर में ली जाएगी।

परियोजना के लिए:

  • इस्लामपुर में करीब 8500 वर्ग मीटर जमीन की आवश्यकता है
  • कन्हई गांव में 534 वर्ग मीटर जमीन चाहिए
  • बसई में करीब 1700 वर्ग मीटर जमीन की जरूरत है

जीएमआरएल के आग्रह के बाद भूमि अधिग्रहण विभाग ने संबंधित जमीन मालिकों को नोटिस जारी कर दिए हैं।

43 मीटर जमीन के निकले 34 मालिक
भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया के दौरान एक रोचक लेकिन चुनौतीपूर्ण मामला भी सामने आया है। गांव बसई में करीब साढ़े 43 मीटर जमीन के छोटे से हिस्से पर 34 लोगों का मालिकाना हक पाया गया।

इसके अलावा:

  • इस्लामपुर में 2759 वर्ग मीटर जमीन के 21 मालिक सामने आए
  • वहीं 3637 वर्ग मीटर जमीन पर 38 लोगों का मालिकाना हक दर्ज मिला

ऐसे में अधिकारियों के लिए सभी पक्षों से सहमति बनाना और प्रक्रिया को तेजी से पूरा करना आसान नहीं माना जा रहा।

जमीन पर दिखने लगा मेट्रो प्रोजेक्ट का असर
ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो परियोजना का निर्माण कार्य पहले चरण में शुरू हो चुका है। नेताजी सुभाष चंद्र बोस मार्ग पर अब तक 12 पिलर बनाए जा चुके हैं, जबकि लगभग 30 पिलर पर काम जारी है।

बख्तावर चौक पर बदली योजना
मेट्रो परियोजना से जुड़ा एक बड़ा बदलाव भी सामने आया है। बख्तावर चौक पर अब फ्लाईओवर के ऊपर मेट्रो संचालन की तैयारी की जा रही है।

शहरी एवं आवास मंत्रालय ने जीएमआरएल के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। अब इस योजना को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता वाली जीएमडीए बैठक में अंतिम स्वीकृति के लिए रखा जाएगा।

पहले यहां अंडरपास बनाने की योजना थी, लेकिन अब प्लान में बदलाव कर फ्लाईओवर मॉडल को प्राथमिकता दी गई है।

गुरुग्राम में मेट्रो परियोजना को शहर के ट्रैफिक और सार्वजनिक परिवहन के लिए बड़ा कदम माना जा रहा है, लेकिन जमीन अधिग्रहण के साथ आने वाली चुनौतियां आने वाले दिनों में इसकी रफ्तार तय करेंगी।

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