ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो के दूसरे चरण के निर्माण में आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड (जीएमआरएल) ने बड़ा कदम उठाया है। जीएमआरएल ने करीब 62 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया है। इसके तहत पानी, सीवर, बिजली, गैस पाइपलाइन और बरसाती नालों को स्थानांतरित किया जाएगा। इसके अलावा जरूरत के अनुसार सड़कों को चौड़ा करने और निर्माण के दौरान ट्रैफिक जाम से बचने के लिए यातायात डायवर्जन की योजना भी तैयार की जाएगी।

कितने किलोमीटर लंबा होगा मेट्रो का दूसरा चरण
ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो के दूसरे चरण की लंबाई करीब 15 किलोमीटर होगी। इस परियोजना पर लगभग 1662 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का अनुमान है। जीएमआरएल ने 5 अक्टूबर को इसके निर्माण के लिए टेंडर जारी किया था, जिसे 9 नवंबर को खोला जाएगा। टेंडर आवंटित होने के बाद चयनित कंपनी को 30 महीने के भीतर निर्माण कार्य पूरा करना होगा।
हटाई जाएंगी निर्माण की बाधाएं
मेट्रो निर्माण के दौरान पेयजल लाइन, सीवर, गैस पाइपलाइन, बिजली केबल और बरसाती नालों के कारण काम प्रभावित न हो, इसके लिए अलग से व्यवस्था की गई है। 62 करोड़ रुपये के टेंडर के तहत चयनित कंपनी को नौ महीने में इन बाधाओं को दूर करना होगा। कंपनी यातायात पुलिस के साथ मिलकर डायवर्जन योजना भी तैयार करेगी, ताकि निर्माण के दौरान लोगों को जाम की समस्या का सामना न करना पड़े।
दूसरे चरण में बनेंगे कई मेट्रो स्टेशन
दूसरे चरण में सेक्टर-7, सेक्टर-4, सेक्टर-5, गुरुग्राम रेलवे स्टेशन, अशोक विहार, सेक्टर-3, बजघेड़ा रोड, पालम विहार एक्सटेंशन, पालम विहार, सेक्टर-23ए, सेक्टर-22, सेक्टर-21, उद्योग विहार फेज-1 और डीएलएफ साइबर सिटी सहित कुल 14 स्टेशन बनाए जाएंगे। परियोजना के तहत करीब दो किलोमीटर हिस्से में फ्लाईओवर के ऊपर मेट्रो चलाने की योजना है। ओल्ड दिल्ली रोड पर सुशील ऐमा रोड से सेक्टर-21 की ओर 1.2 किलोमीटर और बजघेड़ा रोड पर 800 मीटर लंबा फ्लाईओवर प्रस्तावित है।
पहले चरण की धीमी रफ्तार बनी चिंता
जहां दूसरे चरण के निर्माण की तैयारियां तेज की जा रही हैं, वहीं पहले चरण की धीमी रफ्तार चिंता का विषय बनी हुई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पिछले साल अगस्त में टेंडर आवंटित होने के एक साल से अधिक समय बाद भी निर्माण करीब 25 से 30 प्रतिशत तक ही पहुंचा था। हीरो होंडा चौक से द्वारका एक्सप्रेसवे स्थित सेक्टर-101 तक निर्माण की गति धीमी रही, जबकि दादा भैया चौक से सेक्टर-9 तक काम शुरू नहीं हो पाया था। बख्तावर चौक पर प्रस्तावित डबल डेकर मेट्रो का डिजाइन भी अंतिम रूप नहीं ले पाया था।
अब जीएमआरएल की ओर से दूसरे चरण के लिए पहले ही बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी बाधाएं दूर करने की तैयारी की गई है। ऐसे में देखना होगा कि यह कदम मेट्रो निर्माण को कितनी तेजी देता है और ओल्ड गुरुग्राम के लोगों का मेट्रो का इंतजार कब खत्म होता है।
