गुरुग्राम। शहर के लगभग 200 इलाकों में पेयजल आपूर्ति और बरसाती नालों की स्थिति सुधारने के लिए प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। बुधवार को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में चंडीगढ़ में हुई उच्चस्तरीय बैठक में दो बड़े पेयजल टेंडर और एक बरसाती नाले का टेंडर मंजूरी के लिए हरी झंडी दी गई।

पानी की आपूर्ति में सुधार की दिशा में कदम
पहला टेंडर:
रूट: बसई जल शोधन संयंत्र → द्वारका एक्सप्रेसवे → सेक्टर-21, 22, 23 → पालम विहार → उद्योग विहार → डीएलएफ फेज-1 और 2।
लागत: लगभग 58 करोड़ रुपये
समयसीमा: 18 महीने
लाभ: क्षेत्र के कॉलोनियों और गांवों में पर्याप्त पानी उपलब्ध होगा।
दूसरा टेंडर:
रूट: बसई जल शोधन संयंत्र → बसई चौक → उमंग भारद्वाज चौक → हीरो होंडा चौक → राजीव चौक → सेक्टर-16
लागत: लगभग 57 करोड़ रुपये
समयसीमा: 12 महीने
लाभ: बसई, सेक्टर-9, 10-10A, सुशांत लोक फेज-1 और डीएलएफ फेज-3 से 5 तक पर्याप्त पानी की सप्लाई सुनिश्चित होगी।
बरसाती नाले का पक्का निर्माण
मुख्यमंत्री ने अशोक विहार से रेलवे कलवर्ट तक के बरसाती नाले को पक्का करने का टेंडर भी मंजूर किया।
लागत: लगभग 17.60 करोड़ रुपये
लाभ: रिहायशी इलाकों में बरसात के पानी की निकासी बेहतर होगी और जलभराव की समस्या दूर होगी।
प्रशासन की योजना
सरकार का मकसद है कि मिलेनियम सिटी गुरुग्राम के 200 से ज्यादा इलाकों में जल और नाले से जुड़ी समस्याओं का स्थायी समाधान किया जाए। टेंडर आवंटन के बाद अगले साल से पाइपलाइन और नाले का काम शुरू होगा।
इस कदम से शहरवासियों को साफ पानी, बेहतर जल आपूर्ति और बाढ़-भराव से राहत मिलने की उम्मीद है।
