जहां करोड़ों खर्च होने के दावे थे, वहां बारिश ने खोल दी असली सच्चाई!

मानसून की दस्तक के साथ ही सोहना में नगर परिषद की तैयारियों की हकीकत भी सामने आने लगी है। मंगलवार को हुई मामूली बारिश ने शहर की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी। करोड़ों रुपये खर्च कर नालों की सफाई और जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त करने के दावों के बावजूद सोहना की प्रमुख अस्पताल रोड जलमग्न हो गई, जिससे आम लोगों, दुकानदारों और वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

मामूली बारिश में डूब गई प्रमुख सड़क

अस्पताल रोड सोहना के सबसे व्यस्त मार्गों में से एक मानी जाती है। यह सड़क सोनी बाजार सहित कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों को जोड़ती है और दिनभर यहां लोगों और वाहनों की आवाजाही बनी रहती है। लेकिन मंगलवार को हुई हल्की बारिश के बाद सड़क पर पानी भर गया, जिससे यातायात प्रभावित हो गया और वाहन रेंगते नजर आए।

जलभराव के कारण राहगीरों को सड़क पार करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा, वहीं दुकानदारों को भी कारोबार प्रभावित होने की चिंता सताने लगी।

हर साल दोहराई जाती है यही कहानी

स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल रोड पर जलभराव की समस्या कोई नई नहीं है। हर साल बारिश शुरू होते ही यही हालात देखने को मिलते हैं। नगर परिषद मानसून से पहले नालों की सफाई और मरम्मत पर लाखों-करोड़ों रुपये खर्च करने के दावे करती है, लेकिन पहली ही बारिश में इन दावों की हकीकत सामने आ जाती है।

नागरिकों का आरोप है कि नालों की सफाई केवल कागजों तक सीमित रह जाती है, जिसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ता है।

व्यापार और यातायात दोनों प्रभावित

स्थानीय निवासी सतीश का कहना है कि यदि बरसाती नालों की समय पर और प्रभावी सफाई की जाए तथा जल निकासी की स्थायी व्यवस्था विकसित की जाए तो इस समस्या से काफी हद तक राहत मिल सकती है।

उन्होंने कहा कि जलभराव के कारण न केवल लोगों को आवाजाही में परेशानी होती है, बल्कि स्थानीय व्यापार भी प्रभावित होता है। इसके अलावा सड़क पर पानी जमा होने से दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाता है।

स्थायी समाधान की उठी मांग

स्थानीय नागरिक अमित और राजेंद्र ने नगर परिषद प्रशासन से जल निकासी व्यवस्था की गंभीरता से समीक्षा करने और स्थायी समाधान निकालने की मांग की है। उनका कहना है कि हर साल बारिश के दौरान एक जैसी समस्या सामने आना प्रशासनिक तैयारियों पर सवाल खड़े करता है।

नागरिकों का कहना है कि केवल दावे करने से समस्या का समाधान नहीं होगा। प्रशासन को जमीनी स्तर पर काम करते हुए ऐसी व्यवस्था बनानी होगी, जिससे बरसात के दौरान लोगों को राहत मिल सके।

पहली बारिश में ही उठे सवाल

सोहना में हुई मामूली बारिश के बाद अस्पताल रोड पर जलभराव ने एक बार फिर नगर परिषद की तैयारियों और कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखने वाली बात होगी कि प्रशासन इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए क्या कदम उठाता है या फिर इस बार भी लोगों को पूरे मानसून में इसी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।

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