Gurugram के सुशांत लोक-1 स्थित गलेरिया रोड पर 18 अप्रैल को हुए कार हादसे ने अब नया मोड़ ले लिया है। गुरुग्राम मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (GMDA) द्वारा जारी की गई CCTV वीडियो को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। हादसे की शिकार प्रोफेसर ने आरोप लगाया है कि यह वीडियो एडिटेड है और इसमें सच्चाई को छिपाने की कोशिश की गई है।

“वीडियो में की गई काट-छांट” – पीड़िता का आरोप
पीड़ित प्रोफेसर डॉ. चित्रा, जो सुशांत यूनिवर्सिटी और जीडी गोयनका यूनिवर्सिटी में प्रिंसिपल प्रोफेसर हैं, ने कहा कि GMDA द्वारा शेयर की गई वीडियो में फास्ट फॉरवर्ड और एडिटिंग की गई है।

उनका आरोप है कि वीडियो के जरिए उनकी कार की स्पीड जानबूझकर ज्यादा दिखाई गई है, जिससे असली वजह से ध्यान हटाया जा सके। उन्होंने साफ कहा है कि वे इस मामले में पुलिस में दूसरी शिकायत दर्ज कराएंगी और फॉरेंसिक जांच की मांग करेंगी।
कैसे हुआ हादसा?
18 अप्रैल की शाम डॉ. चित्रा यूनिवर्सिटी से अपने घर रिजवुड एस्टेट लौट रही थीं। इसी दौरान उनकी टाटा पंच कार सड़क के बीच खोदे गए एक बड़े गड्ढे में गिरकर पलट गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार:
- गड्ढा कई महीनों से खुला पड़ा था
- वहां कोई बैरिकेडिंग या चेतावनी बोर्ड नहीं था
- अंधेरा होने के कारण गड्ढा दिखाई नहीं दिया
स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें कार से बाहर निकाला गया। इस हादसे में उनकी कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उन्हें मानसिक आघात भी पहुंचा।

GMDA का दावा बनाम जमीनी हकीकत
GMDA की प्रवक्ता नेहा विज ने दावा किया कि:
- मौके पर बैरिकेडिंग की गई थी
- कार तेज रफ्तार में थी
लेकिन पीड़िता और स्थानीय निवासियों ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि सुरक्षा मानकों की पूरी तरह अनदेखी की गई थी।
“जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई हो”
डॉ. चित्रा ने कहा कि यह सिर्फ उनकी कार का मामला नहीं, बल्कि आम नागरिकों की सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा है।
उन्होंने मांग की:
- जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदार पर सख्त कार्रवाई
- कार के नुकसान और मानसिक पीड़ा का मुआवजा
- इलाज का खर्च
CCTV फुटेज सार्वजनिक करने की मांग
पीड़िता ने ओरिजिनल CCTV फुटेज सार्वजनिक करने और उसकी फॉरेंसिक जांच कराने की मांग की है, ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके।
इस घटना के बाद इलाके के लोगों में भी भारी रोष है और वे प्रशासन से तुरंत कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
