गुरुग्राम को कचरे के ढेर और गंदगी से मुक्त करने के लिए नगर निगम ने बड़ा अभियान शुरू किया है। ‘सेवा मेरा योगदान’ और ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान के तहत 2 से 11 अक्टूबर तक 10 दिवसीय ‘जीवीपी मुक्त अभियान’ चलाया जा रहा है। इस अभियान के दौरान शहर के 21 कचरा संवेदनशील स्थानों (Garbage Vulnerable Points) को साफ कर उनका रूप बदलने का लक्ष्य रखा गया है।

पहले दिन दो जीवीपी का हुआ कायाकल्प
अभियान के पहले दिन महरौली रोड और जयपुर-दिल्ली एक्सप्रेसवे स्थित जीवीपी पर विशेष सफाई अभियान चलाया गया। यहां जमा कचरे को हटाने के साथ-साथ दोनों स्थानों का सौंदर्यकरण भी किया गया। नगर निगम का उद्देश्य केवल इन जगहों से कचरा हटाना नहीं है, बल्कि इन्हें ऐसे साफ-सुथरे और व्यवस्थित स्थानों में बदलना है, जहां दोबारा कचरा जमा न हो।
वार्ड-10 में चला विशेष सफाई अभियान
अभियान के तहत वार्ड-10 में भी विशेष स्वच्छता अभियान चलाया गया। इसमें पार्षद महावीर यादव, वार्ड कमेटी के सदस्य, आरडब्ल्यूए प्रतिनिधि, स्थानीय लोग और नगर निगम की टीम शामिल हुई। इस दौरान इलाके की सफाई के साथ लोगों को सिंगल यूज प्लास्टिक और पॉलीथिन से होने वाले नुकसान के बारे में भी जागरूक किया गया। लोगों से अपील की गई कि वे प्लास्टिक और पॉलीथिन का इस्तेमाल कम करें और अपने आसपास के इलाके को साफ रखें।

ताऊ देवी लाल बॉटनिकल गार्डन में पौधारोपण
स्वच्छता अभियान के साथ पर्यावरण संरक्षण पर भी जोर दिया जा रहा है। सेक्टर-56 स्थित ताऊ देवी लाल बॉटनिकल गार्डन में पौधारोपण अभियान आयोजित किया गया। कार्यक्रम में वार्ड-21 की पार्षद सोनिया यादव मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहीं। उन्होंने लोगों और विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया और स्वच्छ एवं हरित गुरुग्राम के लिए सामूहिक भागीदारी की अपील की।
सिर्फ कचरा हटाना नहीं, जगह का बदलेगा पूरा लुक
नगर निगम के इस अभियान का फोकस केवल कचरा उठाने तक सीमित नहीं है। जीवीपी की सफाई, सौंदर्यकरण और लोगों को जागरूक करने के साथ इन जगहों को बेहतर सार्वजनिक स्थानों में बदलने की कोशिश की जा रही है। नगर निगम ने लोगों से अपील की है कि वे खुले में कचरा न फेंकें, घर पर गीला और सूखा कचरा अलग रखें और कचरा निर्धारित संग्रहण व्यवस्था को ही दें।
