शहर में नशे का बढ़ता खतरा हो या मोबाइल पर आने वाला एक संदिग्ध लिंक छोटी सी लापरवाही लोगों को बड़ी परेशानी में डाल सकती है। इसी को लेकर गुरुग्राम पुलिस ने अब सोसायटियों और युवाओं के बीच सीधे पहुंचकर जागरूकता अभियान तेज किया है। 30 सितंबर को ग्वाल पहाड़ी चौकी पुलिस ने ASF सोसायटी और वैली व्यू सोसायटी में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान पुलिस ने युवाओं, विद्यार्थियों और आम लोगों से नशे से दूर रहने के साथ-साथ साइबर अपराधों से सतर्क रहने की अपील की।

एक OTP और बैंक अकाउंट हो सकता है खाली
कार्यक्रम में पुलिस टीम ने लोगों को साइबर ठगी के नए-नए तरीकों को लेकर सावधान किया। पुलिस ने कहा कि अनजान नंबर से आने वाली कॉल, संदिग्ध लिंक और फर्जी मैसेज को नजरअंदाज करें। खास तौर पर लोगों को समझाया गया कि OTP, PIN, पासवर्ड या बैंक से जुड़ी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें। इंटरनेट और सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते समय भी सावधानी बरतने की सलाह दी गई।
युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश
जागरूकता कार्यक्रम में युवाओं और विद्यार्थियों को नशे के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक नुकसान के बारे में बताया गया। पुलिस ने युवाओं से नशे से दूर रहने और नशामुक्त समाज बनाने में अपनी भूमिका निभाने की अपील की। पुलिस ने साफ संदेश दिया कि नशे की शुरुआत भले ही छोटी लगे, लेकिन इसका असर व्यक्ति के साथ-साथ पूरे परिवार और समाज पर पड़ सकता है।

छात्राओं को बताया, मुश्किल वक्त में कैसे रहें सतर्क
कार्यक्रम में महिला और बाल सुरक्षा पर भी विशेष जोर दिया गया। छात्राओं को आत्मरक्षा के बारे में जानकारी दी गई और विपरीत परिस्थितियों में घबराने के बजाय सतर्कता, आत्मविश्वास और सूझबूझ से काम लेने के लिए प्रेरित किया गया। महिलाओं के खिलाफ अपराधों की रोकथाम और बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी लोगों को जागरूक किया गया।
जरूरत पड़ने पर इन पुलिस सेवाओं का करें इस्तेमाल
पुलिस ने लोगों को आपात स्थिति में डायल-112 के बारे में जानकारी दी। इसके अलावा ट्रिप मॉनिटरिंग और डिजिटल सहेली जैसी पुलिस सेवाओं के बारे में भी बताया गया। पुलिस ने लोगों से अपील की कि आसपास कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे या किसी अपराध की जानकारी मिले तो उसे छिपाने के बजाय तुरंत पुलिस को सूचना दें।
ग्वाल पहाड़ी चौकी में आयोजित यह कार्यक्रम पुलिस के उस प्रयास का हिस्सा है, जिसमें अपराध होने के बाद कार्रवाई के साथ-साथ अपराध को रोकने के लिए लोगों के बीच जागरूकता बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है। पुलिस के मुताबिक नशा, साइबर अपराध, महिला एवं बाल सुरक्षा जैसे मुद्दों को लेकर ऐसे जागरूकता कार्यक्रम आगे भी लगातार आयोजित किए जाएंगे।
