गुरुग्राम मेट्रो का रूट क्यों हो रहा है कैंसिल? जानिए क्या है पूरा मामला

गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड से सेक्टर-5 तक प्रस्तावित मेट्रो लाइन को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। 13.6 किलोमीटर लंबे इस प्रोजेक्ट को रद्द करने पर विचार किया जा रहा है। इसकी वजह इफको चौक से आगे प्रस्तावित नमो भारत कॉरिडोर को बताया जा रहा है।

गुरुग्राम में मेट्रो कनेक्टिविटी बढ़ाने की योजना को लेकर एक बड़ा बदलाव सामने आया है। गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड से सेक्टर-5 तक प्रस्तावित 13.6 किलोमीटर लंबी मेट्रो परियोजना पर अब सवाल खड़े हो गए हैं। हरियाणा मेट्रो रेल ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (HMRTC) इस प्रोजेक्ट को रद्द करने पर विचार कर रहा है। इस मामले पर मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में प्रस्तावित बैठक में चर्चा होनी है। बैठक के बाद इस प्रोजेक्ट के भविष्य को लेकर तस्वीर साफ हो सकती है।

नमो भारत कॉरिडोर से बदली पूरी योजना
दरअसल, इस मेट्रो प्रोजेक्ट की डीपीआर तैयार करने की जिम्मेदारी पिछले साल राइट्स (RITES) को दी गई थी। प्रस्तावित रूट गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड से शुरू होकर सेक्टर-5 तक जाना था। लेकिन अब इस रूट का करीब 7.1 किलोमीटर हिस्सा इफको चौक से ग्रेटर नोएडा तक प्रस्तावित नमो भारत कॉरिडोर में आ रहा है।

हरियाणा सरकार की योजना है कि नमो भारत ट्रेन के ट्रैक पर मेरठ की तर्ज पर मेट्रो संचालन की संभावना तैयार की जाए। ऐसे में दोनों परियोजनाओं के बीच काफी हिस्सा एक-दूसरे से जुड़ रहा है।

सिर्फ 6.4 किमी का रूट बचेगा
अगर नमो भारत कॉरिडोर वाले हिस्से को अलग कर दिया जाता है, तो प्रस्तावित मेट्रो लाइन का सिर्फ 6.4 किलोमीटर हिस्सा ही बचेगा। यह हिस्सा इफको चौक से सिग्नेचर टावर, महाराणा प्रताप चौक, अतुल कटारिया चौक और शीतला माता रोड होते हुए सेक्टर-5 तक जाना था। अधिकारियों के सामने अब सवाल है कि इतने छोटे 6.4 किलोमीटर के रूट के लिए अलग मेट्रो परियोजना बनाना कितना व्यावहारिक और फायदेमंद होगा। इसी वजह से पूरे प्रोजेक्ट को रद्द करने पर विचार किया जा रहा है।

पहले क्या था पूरा प्लान?
पहली योजना के मुताबिक मेट्रो की शुरुआत सेक्टर-57 स्थित हांगकांग बाजार के पास से होनी थी। यहां से लाइन आरडी सिटी और मिलेनियम सिटी सेंटर होते हुए इफको चौक तक पहुंचती। इसके बाद मेट्रो को सिग्नेचर टावर, महाराणा प्रताप चौक, अतुल कटारिया चौक और शीतला माता रोड से होते हुए सेक्टर-5 तक ले जाने की योजना थी। सेक्टर-5 में ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो के साथ इंटरचेंज स्टेशन बनाने का भी प्लान था। इससे यात्रियों को दोनों मेट्रो लाइनों के बीच आसानी से कनेक्टिविटी मिलती।

अब अंतिम फैसला किसका?
फिलहाल इस परियोजना को रद्द करने का सिर्फ विचार चल रहा है। अंतिम फैसला मुख्य सचिव की अध्यक्षता में होने वाली बैठक के बाद लिया जाएगा। अगर प्रोजेक्ट रद्द होता है, तो गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड से सेक्टर-5 तक सीधी मेट्रो कनेक्टिविटी की मौजूदा योजना में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। दूसरी ओर, नमो भारत कॉरिडोर के साथ मेट्रो संचालन की योजना आगे बढ़ने पर गुरुग्राम को एक अलग और बड़े रीजनल ट्रांजिट नेटवर्क से जोड़ने का रास्ता मजबूत हो सकता है।

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