लोगों की समस्याओं और शिकायतों का जल्द समाधान करने के लिए जिला प्रशासन की ओर से समाधान शिविर लगाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में जिला मुख्यालय में आयोजित समाधान शिविर में एडीसी सोनू भट्ट ने लोगों की समस्याएं सुनीं। एडीसी ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को सभी शिकायतों का गंभीरता से अध्ययन कर निर्धारित समय सीमा के भीतर समाधान करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लोगों को अपनी छोटी-बड़ी समस्याओं के लिए अलग-अलग सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए समाधान शिविर एक बेहतर माध्यम है।

प्रशासन और आमजन के बीच सीधा संवाद
एडीसी सोनू भट्ट ने कहा कि समाधान शिविर का मुख्य उद्देश्य आमजन और प्रशासन के बीच सीधा संवाद स्थापित करना है। यहां लोग सीधे अधिकारियों के सामने अपनी समस्या रख सकते हैं और उसके समाधान की प्रक्रिया को भी तेज किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं और नीतियों का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन गंभीरता से काम कर रहा है। अधिकारियों को भी निर्देश दिए गए हैं कि शिकायतों को केवल सुनने तक सीमित न रखें, बल्कि उनके समाधान की प्रक्रिया पर भी नजर रखें।
कब लगता है समाधान शिविर ?
जिला प्रशासन की ओर से हर सोमवार और वीरवार को सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक समाधान शिविर आयोजित किए जाते हैं। ये शिविर जिला मुख्यालय के साथ-साथ सभी उपमंडलों में भी लगाए जाते हैं। इन शिविरों में अलग-अलग विभागों के अधिकारी मौजूद रहते हैं, ताकि लोगों की समस्याओं को संबंधित विभाग तक पहुंचाने और उनके समाधान में देरी न हो। एडीसी सोनू भट्ट ने आमजन से अपील की कि वे अपनी समस्याओं और शिकायतों के समाधान के लिए इन समाधान शिविरों का अधिक से अधिक लाभ उठाएं।
शिविर के दौरान संयुक्त आयुक्त सपना यादव, एसीपी मुकेश, डीडीपीओ नवनीत कौर, मेडिकल ऑफिसर प्रियंका, एलडीएम विनोद कुमार बजाज, डिप्टी डीईओ गीता आर्या, दीप्ति, एक्सईएन आरसी देशवाल और इनवेस्टिगेटर संजय सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
