गुरुग्राम में सर्दियों से पहले प्रदूषण पर शिकंजा कसने की तैयारी शुरू हो गई है। इस बार कार्रवाई सिर्फ निर्माण साइटों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पेट्रोल पंपों पर भी निगरानी बढ़ाई जाएगी। सर्दियों में हर साल बढ़ने वाले वायु प्रदूषण से निपटने के लिए गुरुग्राम प्रशासन ने अभी से कमर कसनी शुरू कर दी है। इस बार प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों से लेकर निर्माण साइटों तक पर नजर रखने की तैयारी है।
खास बात यह है कि बिना वैध प्रदूषण प्रमाणपत्र वाले और निर्धारित उम्र पूरी कर चुके वाहनों को पेट्रोल-डीजल देने पर रोक लगाने की व्यवस्था भी की जा रही है। यह फैसला मंगलवार को हुई 13वीं जिला समन्वय समिति की बैठक में लिया गया। बैठक की अध्यक्षता शहरी विकास के लिए मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार डीएस ढेसी ने की।

पेट्रोल पंप पर ही पकड़े जाएंगे प्रदूषण फैलाने वाले वाहन?
प्रशासन की योजना के मुताबिक, ऐसे वाहनों को पेट्रोल-डीजल नहीं दिया जाएगा जिनके पास वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र यानी PUC नहीं है या जो तय वाहन उम्र पूरी कर चुके हैं। इसके लिए RTO और खाद्य एवं आपूर्ति विभाग पेट्रोल पंप संचालकों के साथ बैठक करेंगे। साथ ही पेट्रोल पंपों पर वाहनों की निगरानी के लिए CCTV कैमरे लगाने की व्यवस्था भी की जाएगी। यानी आने वाले समय में पेट्रोल पंप पर तेल भरवाने से पहले वाहन के PUC और उम्र की जांच का सिस्टम तैयार किया जा सकता है।
गुरुग्राम की 1054 साइटों पर नजर
प्रदूषण नियंत्रण की दूसरी बड़ी कार्रवाई निर्माण और दूसरे प्रदूषण उत्सर्जन वाले स्थलों पर होगी। जिले में 500 वर्ग मीटर से बड़े प्रदूषण उत्सर्जन वाले 1054 स्थलों की पहचान की गई है। इनमें से 907 साइटों पर वेब कैमरे लगाए जा चुके हैं, 534 साइटों पर लो-कॉस्ट सेंसर लगाए गए हैं और कैमरे और सेंसर की निगरानी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और CAQM से जुड़े सिस्टम के जरिए की जाएगी। इसका मतलब साफ है कि निर्माण साइटों पर अब सिर्फ मौके पर जाकर जांच करने के बजाय ऑनलाइन निगरानी भी की जाएगी।
नियम तोड़े तो पहले जुर्माना, फिर काम बंद
अधिकारियों के मुताबिक, प्रदूषण नियंत्रण के नियमों का पालन नहीं करने वाली साइटों पर Environmental Compensation लगाया जाएगा। अगर इसके बाद भी नियमों की अनदेखी जारी रही तो संबंधित यूनिट या निर्माण कार्य को बंद कराने की कार्रवाई भी की जा सकती है।
बैठक में विकास कार्यों से जुड़े विभागों को यह भी निर्देश दिया गया कि वे अपने जरूरी कामों को तेजी से पूरा करें। दरअसल, सर्दियों में प्रदूषण बढ़ने पर CAQM की ओर से निर्माण और दूसरे विकास कार्यों पर कई तरह की पाबंदियां लगाई जा सकती हैं। ऐसे में प्रशासन चाहता है कि जरूरी परियोजनाओं का काम प्रतिबंध लागू होने से पहले ज्यादा से ज्यादा पूरा कर लिया जाए।
गुरुग्राम में इस बार प्रदूषण पर निगरानी का दायरा बड़ा
इस पूरी व्यवस्था से साफ है कि इस बार गुरुग्राम में प्रदूषण नियंत्रण के लिए सिर्फ सड़क पर धूल और निर्माण साइटों पर कार्रवाई तक मामला सीमित नहीं रहेगा। पेट्रोल पंप, वाहन, निर्माण साइट और प्रदूषण फैलाने वाले दूसरे प्रतिष्ठान सभी पर निगरानी बढ़ाने की तैयारी है। हालांकि, बिना PUC या तय उम्र पूरी कर चुके वाहनों को पेट्रोल-डीजल नहीं देने की व्यवस्था किस तारीख से लागू होगी और पेट्रोल पंपों पर इसकी जांच किस तरीके से होगी, इसकी विस्तृत प्रक्रिया अभी सामने आनी बाकी है।
