Vatika Group के चेयरमैन गिरफ्तार, ED की जांच में क्या मिला?

गुरुग्राम में रियल एस्टेट कंपनी Vatika Group को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई ने मामला गरमा दिया है। ED ने Vatika Group के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर अनिल भल्ला को गिरफ्तार किया है। कंपनी के डायरेक्टर गौरव भल्ला भी जांच के घेरे में हैं। मामला सिर्फ प्लॉट की खरीद-बिक्री तक सीमित नहीं है, बल्कि करोड़ों रुपये के लेनदेन, जमीन की डिलीवरी और ग्रुप की कई कंपनियों के जरिए फंड ट्रांसफर तक पहुंच गया है।


260 करोड़ के प्लॉट सौदे ने खोले कई सवाल
ED के मुताबिक, यह जांच करीब 260 करोड़ रुपये के प्लॉट लेनदेन से जुड़ी है। एजेंसी का आरोप है कि वर्ष 2010 से 2012 के बीच सात खरीदार संस्थाओं से प्लॉट खरीदने के लिए रकम ली गई थी। लेकिन ED के अनुसार, इनमें से करीब 90 करोड़ रुपये के प्लॉट ही खरीदारों को डिलीवर किए गए, जबकि लगभग 140.73 करोड़ रुपये कीमत के प्लॉट अब तक अनडिलिवर्ड बताए जा रहे हैं। यानी जिन खरीदारों ने वर्षों पहले जमीन के लिए पैसा दिया था, उनमें से कुछ को 14 साल बाद भी प्लॉट नहीं मिलने का मामला सामने आया है।

Vatika India Next के प्रोजेक्ट ED के रडार पर
ED की कार्रवाई में Vatika India Next और Vatika India Next-2 प्रोजेक्ट जांच के केंद्र में हैं। इनसे जुड़ी सेक्टर-84, सेक्टर-85 और सेक्टर-88A की जमीन और उससे जुड़े लेनदेन की भी जांच की जा रही है। ED का आरोप है कि जमीन और फंड के लेनदेन के लिए 22 ग्रुप कंपनियों का इस्तेमाल किया गया। एजेंसी इस पूरे नेटवर्क के जरिए जमीन रखने और रकम ट्रांसफर किए जाने की जांच कर रही है।

165 प्लॉट के एग्रीमेंट में 14 प्लॉट पर भी सवाल
जांच का एक और अहम हिस्सा वर्ष 2024 में हुए करीब 473.18 करोड़ रुपये के सौदे से जुड़ा बताया जा रहा है। ED के मुताबिक, 165 प्लॉट के एग्रीमेंट की जांच में यह आरोप सामने आया कि इनमें से 14 प्लॉट तीसरे पक्ष को बेच दिए गए। अब जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि इन सौदों में रकम का प्रवाह किस तरह हुआ और अलग-अलग कंपनियों के बीच इसका इस्तेमाल कैसे किया गया।

छापेमारी में कितनी संपत्ति मिली ?
ED की कार्रवाई सिर्फ दस्तावेजों और बैंक खातों की जांच तक सीमित नहीं रही। एजेंसी के मुताबिक, कार्रवाई के दौरान करीब 1.3 करोड़ रुपये की ज्वेलरी और 1.55 करोड़ रुपये कैश बरामद किया गया। इसके अलावा Mercedes-Benz GLC समेत करीब 3.04 करोड़ रुपये के बैंक अकाउंट और FDR को फ्रीज किए जाने की जानकारी सामने आई है।

ED ने 28 सितंबर को PMLA यानी Prevention of Money Laundering Act के तहत अनिल भल्ला को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद अनिल भल्ला और गौरव भल्ला को अदालत में पेश किया गया। गुरुग्राम की स्पेशल PMLA कोर्ट ने दोनों को 3 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

अब जांच में आगे क्या?
Vatika Group से जुड़ा यह मामला अब सिर्फ पुराने प्लॉट सौदों तक सीमित नहीं दिखाई दे रहा। पुराने खरीदारों से लिए गए पैसों से लेकर जमीन की डिलीवरी, 22 ग्रुप कंपनियों के जरिए फंड ट्रांसफर और 2024 के 473 करोड़ रुपये से ज्यादा के सौदे तक, ED कई पहलुओं की जांच कर रही है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि जिन प्लॉट के लिए वर्षों पहले पैसा लिया गया, उनमें बड़ी संख्या में प्लॉट अब तक क्यों नहीं दिए गए और करोड़ों रुपये की रकम का इस्तेमाल कहां हुआ? ED की जांच आगे बढ़ने के साथ इस पूरे मामले में और भी खुलासे सामने आने की संभावना है।

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