गुरुग्राम मिलेनियम सिटी गुरुग्राम के बीच बसे सरहौल और सिकंदरपुर गांवों की तस्वीर अब जल्द बदलने वाली है। करीब 20 साल पुराने बुनियादी ढांचे से परेशान लोगों को अब सीवर जाम, जलभराव और खराब सड़कों जैसी दिक्कतों से राहत मिलने की उम्मीद है। नगर निगम ने दोनों गांवों के इंफ्रास्ट्रक्चर को नए सिरे से तैयार करने के लिए करीब 14 करोड़ रुपये का एस्टीमेट तैयार किया है।

क्या-क्या नया बनेगा ?
नगर निगम की योजना के तहत दोनों गांवों में नई सीवर लाइन, पानी की लाइन, बरसाती नाले और सड़कों का निर्माण किया जाएगा। खास बात यह है कि नई सीवर लाइन का साइज यहां की बढ़ती आबादी को ध्यान में रखकर तय किया जाएगा। दरअसल, पिछले दो दशकों में दोनों गांवों की आबादी तेजी से बढ़ी है। पुराना सीवर सिस्टम बढ़ती आबादी का दबाव नहीं संभाल पा रहा था। यही वजह है कि सीवर जाम होना और बारिश के बाद गलियों में गंदा पानी भरना यहां आम समस्या बन गई थी। अब नगर निगम इस पूरे सिस्टम को एक साथ बदलने की तैयारी में है।
कब शुरू होगा काम?
नगर निगम के मुताबिक विकास कार्यों के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रक्रिया पूरी होने के बाद अगले माह के अंत तक दोनों गांवों में काम शुरू करवाने का लक्ष्य रखा गया है। सरहौल और सिकंदरपुर दोनों ही नए गुरुग्राम के बीच बसे हैं और यहां बड़ी संख्या में किराएदार भी रहते हैं। ऐसे में बुनियादी सुविधाओं में सुधार का सीधा असर बड़ी आबादी पर पड़ सकता है। नगर निगम के कार्यकारी अभियंता प्रवीण राघव के मुताबिक, दोनों गांवों का पूरा बुनियादी ढांचा बदला जाएगा और अगले महीने के अंत तक विकास कार्य शुरू करवाने की तैयारी है।
क्या-क्या बदलेगा?
गुरुग्राम में सफाई व्यवस्था को लेकर भी नगर निगम ने नया प्रयोग शुरू किया है। बाजारों और सार्वजनिक जगहों की सफाई के लिए पांच आधुनिक मैकेनिकल स्वीपिंग मशीनें खरीदी गई हैं। करीब एक करोड़ रुपये की लागत वाली इन मशीनों को फिलहाल पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर उतारा गया है। सदर बाजार और शीतला माता मंदिर परिसर समेत प्रमुख बाजारों में इनका इस्तेमाल शुरू हो चुका है।
इन मशीनों की खासियत है कि ये सड़क पर पड़ी धूल, बारीक कचरे और छोटे कूड़े को वैक्यूम सिस्टम से खींचकर साफ करती हैं। अगर ट्रायल सफल रहता है, तो आने वाले समय में इन्हें 30 से ज्यादा प्रमुख बाजारों में लगाया जा सकता है। यानी एक तरफ सरहौल-सिकंदरपुर में 20 साल पुराना इंफ्रास्ट्रक्चर बदलने की तैयारी है, तो दूसरी तरफ गुरुग्राम के बाजारों में सफाई का तरीका भी बदलने जा रहा है।
