प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर देशभर में चल रहे सेवा संकल्प अभियान के तहत सेवा ज्योति यात्रा निकाली जाएगी। इस अभियान का राष्ट्रीय स्तर का प्रमुख कार्यक्रम गुरुग्राम में आयोजित किया जा रहा है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।

कार्यक्रम को लेकर प्रशासन और संगठन की तैयारियां तेज हो गई हैं। सेवा संकल्प अभियान के तहत 7 अक्टूबर को सेवा ज्योति यात्रा निकाली जाएगी। गुरुग्राम जिले के अलग-अलग गांवों से सेवा ज्योति यात्राएं निकाली जाएंगी। ये यात्राएं शहर में पहुंचकर सेक्टर-29 स्थित हुडा जिमखाना क्लब मैदान में एकत्र होंगी। यहां अमित शाह इन यात्राओं का स्वागत करेंगे। इसके बाद हुडा जिमखाना क्लब मैदान से लेजर वैली मैदान तक मुख्य सेवा ज्योति यात्रा निकाली जाएगी। इस यात्रा की अगुवाई अमित शाह करेंगे। कार्यक्रम में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ प्रदेश सरकार के मंत्री, सांसद और विधायक भी मौजूद रहेंगे।
कहाँ तक पहुंचेगी सेवा ज्योति यात्रा ?
सेवा ज्योति यात्रा को ग्रामीण क्षेत्रों से जोड़ने की खास तैयारी की गई है। जिले के विभिन्न गांवों से मशाल यात्राएं जिला मुख्यालय की ओर रवाना होंगी। बड़ी संख्या में ग्रामीणों के इसमें शामिल होने की उम्मीद है। प्रशासन की ओर से यात्रा के रूट, सुरक्षा व्यवस्था, ट्रैफिक मैनेजमेंट और पार्किंग को लेकर तैयारियां की जा रही हैं, ताकि कार्यक्रम के दौरान लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो।

कब से चल रहा है सेवा संकल्प अभियान
सेवा संकल्प अभियान 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलाया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य सेवा कार्यों और जनभागीदारी के जरिए लोगों को सामाजिक गतिविधियों से जोड़ना है। इसके तहत देश और प्रदेश में कई तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। अभियान में वृक्षारोपण, रक्तदान, स्वच्छता अभियान, जरूरतमंदों की मदद और शिक्षा को बढ़ावा देने जैसी गतिविधियों को प्रमुखता दी जा रही है।
योजनाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाने पर जोर
सेवा ज्योति यात्रा के जरिए केंद्र और हरियाणा सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और विभिन्न सेवा कार्यों की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। खासतौर पर ग्रामीण इलाकों में लोगों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने और जनभागीदारी बढ़ाने पर जोर रहेगा। गुरुग्राम में राष्ट्रीय स्तर का कार्यक्रम होने के कारण 7 अक्टूबर की यात्रा को खास महत्व दिया जा रहा है। प्रशासन का फोकस कार्यक्रम को व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के साथ-साथ बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर है।
