गुरुग्राम की मुख्य सड़कों पर रात के समय अगर कोई स्ट्रीट लाइट बंद मिलती है, तो अब उसकी जानकारी मिलने में ज्यादा समय नहीं लगेगा। नगर निगम गुरुग्राम ने स्ट्रीट लाइटों की निगरानी के लिए सेक्टर-34 स्थित MCG कार्यालय में एक नया कंट्रोल रूम शुरू किया है। खास बात यह है कि रात के समय मुख्य सड़कों की स्ट्रीट लाइटों की स्थिति पर नजर रखने के लिए 17 कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है।

कितने कर्मचारी करेंगे सड़कों की निगरानी
MCG के मुताबिक, ये 17 कर्मचारी रात के समय अपने-अपने तय क्षेत्रों में जाकर मुख्य सड़कों की स्ट्रीट लाइटों की जांच करेंगे। अगर कहीं कोई लाइट बंद या खराब मिलती है, तो इसकी जानकारी कंट्रोल रूम तक पहुंचाई जाएगी। इसके बाद कंट्रोल रूम से संबंधित एजेंसी को इसकी सूचना दी जाएगी, ताकि खराब स्ट्रीट लाइट की मरम्मत कराई जा सके।
कंट्रोल रूम में 3 कर्मचारी रहेंगे तैनात
सेक्टर-34 के MCG कार्यालय में बनाए गए कंट्रोल रूम में रात के समय 3 कर्मचारी तैनात रहेंगे। इनका काम फील्ड से मिलने वाली स्ट्रीट लाइट संबंधी जानकारी को दर्ज करना और उसे संबंधित एजेंसी तक पहुंचाना होगा। इसके अलावा, एक जूनियर इंजीनियर (JE) को रोटेशन के आधार पर कंट्रोल रूम का प्रभारी बनाया जाएगा।
खराब लाइट की सूचना मिलते ही होगी कार्रवाई
MCG के अनुसार, रात के निरीक्षण के दौरान अगर किसी मुख्य सड़क पर स्ट्रीट लाइट बंद मिलती है, तो उसकी जानकारी तुरंत कंट्रोल रूम में दी जाएगी। इसके बाद संबंधित एजेंसी को सूचित कर जरूरी मरम्मत कराने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इस नई व्यवस्था का मकसद मुख्य सड़कों की स्ट्रीट लाइटों की नियमित निगरानी और खराब लाइटों की जल्द पहचान करना है। यानी अब रात में स्ट्रीट लाइट बंद मिलने पर उसकी जानकारी कंट्रोल रूम तक पहुंचाने के लिए एक तय सिस्टम के तहत काम किया जाएगा।
गुरुग्राम की सड़कों पर रात में बढ़ेगी निगरानी
नगर निगम का कहना है कि इस व्यवस्था से रात के समय मुख्य सड़कों पर स्ट्रीट लाइटों की निगरानी ज्यादा व्यवस्थित तरीके से हो सकेगी। फील्ड में तैनात कर्मचारी खराब लाइटों की जानकारी देंगे और कंट्रोल रूम से संबंधित एजेंसी को इसकी सूचना भेजी जाएगी। अब देखना होगा कि यह नई मॉनिटरिंग व्यवस्था बंद स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत कितनी जल्दी करवा पाती है।
