NCR में सफर करने वालों के लिए बड़ी राहत की उम्मीद है। गुरुग्राम से फरीदाबाद होते हुए नोएडा तक प्रस्तावित नमो भारत RRTS कॉरिडोर परियोजना पर अगले सप्ताह अंतिम मुहर लगने की उम्मीद जताई जा रही है। परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए तकनीकी तैयारियां तेज हो गई हैं। शनिवार को दिल्ली और गुरुग्राम की संयुक्त टीम ने फरीदाबाद में प्रस्तावित रूट का निरीक्षण कर निर्माण में आने वाली बाधाओं का जायजा लिया।

छह करोड़ रुपये में दूर होंगी निर्माण की अड़चनें
निरीक्षण के दौरान टीम को प्रस्तावित रूट पर बिजली की हाईटेंशन लाइन, बिजली के टावर और पेयजल पाइपलाइन जैसी कई तकनीकी बाधाएं मिलीं। इन्हें हटाने या दूसरी जगह शिफ्ट करने पर सहमति बनी है। इन कामों पर करीब छह करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। हरियाणा और केंद्र सरकार से मंजूरी मिलने के बाद परियोजना की तैयारियों को गति दी जा रही है। पांच सदस्यीय टीम ने गुरुग्राम मोड़ से सैनिक कॉलोनी, बाटा चौक और ग्रेटर फरीदाबाद तक प्रस्तावित रूट का निरीक्षण किया। टीम में RRTS के डिप्टी चीफ इंजीनियर प्रदीप यादव, कंसल्टेंट, HSVP के एसडीओ और जेई तथा FMDA के कार्यकारी अभियंता केएस पठानिया शामिल रहे।
तीन जगह बाधा बन रहीं 66 केवी बिजली लाइनें
निरीक्षण में तीन स्थानों पर 66 केवी की बिजली लाइनें प्रस्तावित कॉरिडोर के रास्ते में बाधा बनती मिलीं। परियोजना के निर्माण में परेशानी न आए, इसके लिए इन लाइनों को शिफ्ट करने के साथ बिजली के टावर भी हटाए जाएंगे। इसके अलावा सेक्टर-28 और सेक्टर-29 के रूट पर आने वाली पेयजल पाइपलाइन को भी दूसरी जगह स्थानांतरित करना होगा। इन तकनीकी अड़चनों को दूर करने के बाद कॉरिडोर के निर्माण की राह आसान होने की उम्मीद है।
गुरुग्राम मोड़ पर फ्लाईओवर का भी निरीक्षण
संयुक्त टीम ने गुरुग्राम मोड़ पर RRTS और प्रस्तावित ईस्ट-वेस्ट परियोजना के एलिवेटेड फ्लाईओवर का भी निरीक्षण किया। इसका उद्देश्य दोनों परियोजनाओं के निर्माण और आपसी कनेक्टिविटी में आने वाली तकनीकी समस्याओं को समय रहते दूर करना है। अगले सप्ताह मंत्रालय में होने वाली बैठक में परियोजना के प्रस्तावों पर चर्चा होने की उम्मीद है। इस बैठक में आगे की प्रक्रिया को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय हो सकते हैं।
6 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर में होंगे ये प्रमुख स्टेशन
प्रस्तावित योजना के तहत फरीदाबाद में करीब 16 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर विकसित किया जाना है। इसमें सैनिक कॉलोनी, NIT, बाटा चौक और सेक्टर-87/88 चौक प्रमुख स्टेशन होंगे। यह कॉरिडोर गुरुग्राम को फरीदाबाद के रास्ते नोएडा से जोड़ने की योजना का हिस्सा है।
एक ही ट्रैक पर नमो भारत और मेट्रो, क्या होगा फायदा?
इस परियोजना की सबसे खास बात यह है कि प्रस्तावित व्यवस्था में एक ही ट्रैक पर नमो भारत ट्रेन और लोकल मेट्रो ट्रेनें चलाने की योजना है। इससे NCR के अलग-अलग शहरों के बीच बेहतर रेल कनेक्टिविटी विकसित करने में मदद मिल सकती है। अगर परियोजना को अंतिम मंजूरी मिलती है और निर्माण तय योजना के मुताबिक आगे बढ़ता है, तो गुरुग्राम, फरीदाबाद और नोएडा के बीच रोजाना सफर करने वाले यात्रियों को भविष्य में एक बेहतर परिवहन विकल्प मिल सकता है।
फिलहाल सबकी नजर अगले सप्ताह होने वाली बैठक पर है, जहां परियोजना को लेकर आगे की दिशा स्पष्ट होने की उम्मीद है। हालांकि, निर्माण शुरू होने और कॉरिडोर चालू होने की तारीख अभी स्पष्ट नहीं है।
