गुरुग्राम में लोगों को लाखों रुपये का लोन दिलाने का झांसा देकर ठगी करने वाले गिरोह का साइबर पुलिस ने खुलासा किया है। साइबर क्राइम साउथ थाना पुलिस ने सेक्टर-70A स्थित पिरामिड अर्बन होम्स में छापेमारी कर ३ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 12 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, 5 पासबुक, 7 चेकबुक और 13 ATM कार्ड बरामद किए हैं।

सोशल मीडिया पर देते थे लोन का फर्जी विज्ञापन
पुलिस पूछताछ के दौरान सामने आया कि आरोपी फेसबुक और इंस्टाग्राम पर लोन के फर्जी विज्ञापन चलाते थे। विज्ञापन देखकर जब कोई व्यक्ति लोन लेने के लिए उनसे संपर्क करता था तो आरोपी उससे जरूरी दस्तावेज ले लेते थे।इसके बाद राम फिनकॉर्प फाइनेंस ऐप के जरिए पहले करीब 20 से 30 हजार रुपये का छोटा लोन करवाया जाता था। जब ग्राहक ज्यादा रकम का लोन मांगता था तो आरोपी उसे बड़ी रकम का लोन दिलाने का भरोसा देते थे।
पुलिस के अनुसार आरोपी पहले करवाए गए छोटे लोन की रकम को एक QR कोड के जरिए ऑनलाइन गेमिंग वेबसाइटों पर ट्रांसफर करवाते थे। इसके बाद गेमिंग वेबसाइट पर बनी अपनी आईडी के जरिए उस रकम को अपने बैंक खातों में ट्रांसफर कर लेते थे। आरोपी लोन लेने वाले लोगों को यह भी कहते थे कि उन्हें पहले मिले छोटे लोन की रकम वापस करने की जरूरत नहीं है। लेकिन बाद में जब संबंधित लोन कंपनी की तरफ से भुगतान के लिए कॉल आती थी तब पीड़ितों को अपने साथ हुई ठगी का पता चलता था।
तीनों आरोपी गिरफ्तार
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शिबांग प्रसाद निवासी झारसुगुड़ा ओडिशा, नीरज कुमार साह जो निवासी भोजपुर, बिहार से है। व प्रशांत कुमार सिंह जो निवासी नालंदा, बिहार से है। तीनों आरोपी फिलहाल पिरामिड अर्बन होम्स, सेक्टर-70A, गुरुग्राम में रह रहे थे। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ साइबर क्राइम साउथ थाना गुरुग्राम में धोखाधड़ी समेत संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया है।
मामले की जांच अभी जारी है और पुलिस आरोपियों से जुड़े अन्य लोगों और ठगी के मामलों की भी जांच कर रही है।पुलिस की कार्रवाई के बाद अब यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस गिरोह ने सोशल मीडिया के जरिए कितने लोगों को लोन का झांसा देकर अपना शिकार बनाया है।
