अगर आप चाय या कॉफी कप में आते ही पीना शुरू कर देते हैं, तो ये खबर आपके काम की है। एक नई बड़ी रिसर्च में करीब 9.77 लाख लोगों के डेटा का अध्ययन किया गया है, जिसमें चाय गर्म पीने के तरीके और खाने की नली यानी Esophagus के कैंसर के बीच संबंध देखा गया। रिसर्च में खास तौर पर यह सामने आया कि जो लोग Very Hot पसंद करते थे, उनमें खाने की नली के एक खास प्रकार के कैंसर का जोखिम Warm पसंद करने वालों की तुलना में ज्यादा पाया गया।
करीब 10 लाख लोगों के डेटा में क्या सामने आया?
इस रिसर्च में 9,77,282 लोगों के डेटा को शामिल किया गया। शोधकर्ताओं ने लोगों के पसंदीदा पेय तापमान और गर्म पेय के सेवन की मात्रा को देखा और फिर इसका संबंध Esophageal Cancer के मामलों से जांचा। रिसर्च में Esophageal Cancer के दो प्रमुख प्रकारों पर ध्यान दिया गया Squamous Cell Carcinoma (SCC) और Adenocarcinoma (AC)
रिसर्च के अनुसार, Very Hot पेय पसंद करने वाले लोगों में Esophageal Squamous Cell Carcinoma (ESCC) का Relative Risk, Warm पेय पसंद करने वालों की तुलना में करीब 3.17 गुना पाया गया। वहीं, Hot पेय पसंद करने वालों में यह Relative Risk करीब 1.7 गुना था।
यहां Relative Risk को समझना जरूरी है। इसका मतलब यह नहीं है कि बहुत गर्म चाय पीने वाले हर व्यक्ति को कैंसर होगा। यह आंकड़ा रिसर्च में अलग-अलग समूहों के बीच देखे गए संबंध जोखिम को बताता है।

दिन में 6 या उससे ज्यादा गर्म पेय लेने वालों को लेकर भी सामने आया आंकड़ा
रिसर्च में सिर्फ तापमान ही नहीं, बल्कि गर्म पेय पीने की frequency को भी देखा गया। जिन लोगों ने दिन में 6 या उससे ज्यादा गर्म पेय लेने की जानकारी दी, उनमें 6 से कम गर्म पेय लेने वालों की तुलना में Esophageal Squamous Cell Carcinoma का Relative Risk करीब 71% ज्यादा पाया गया।
हालांकि, यहां भी यह समझना जरूरी है कि यह एक observational study है। यानी इसमें लोगों की आदतों और बाद में सामने आए स्वास्थ्य परिणामों के बीच संबंध देखा गया है। इससे यह साबित नहीं होता कि गर्म चाय या कॉफी सीधे तौर पर कैंसर का कारण बनती है।
आखिर बहुत गर्म पेय को लेकर चिंता क्यों?
खाने की नली यानी Esophagus शरीर का वह हिस्सा है, जिससे खाना और पेय पेट तक पहुंचते हैं। बहुत गर्म चीजों का बार-बार संपर्क इस हिस्से की अंदरूनी परत को प्रभावित कर सकता है। लंबे समय तक बार-बार होने वाली thermal injury यानी गर्मी से होने वाली चोट को इस तरह के संबंध की एक संभावित वजह माना जाता है।
यही कारण है कि बहुत गर्म चाय, कॉफी, सूप या दूसरे पेय को सीधे पीने की बजाय कुछ देर ठंडा होने देना एक आसान सावधानी हो सकती है।
क्या इसका मतलब चाय और कॉफी बंद कर देनी चाहिए?
नहीं इस रिसर्च का मतलब यह नहीं है कि लोगों को चाय या कॉफी पूरी तरह छोड़ देनी चाहिए। रिसर्च का मुख्य फोकस पेय के तापमान और गर्म पेय के सेवन की frequency पर था। इसलिए खबर को “चाय पीने से कैंसर होता है” के रूप में समझना सही नहीं होगा। सीधी बात यह है कि अगर चाय या कॉफी इतनी गर्म है कि पहला घूंट लेते ही जीभ, मुंह या गले में जलन महसूस हो, तो उसे कुछ देर ठंडा होने देना बेहतर सावधानी हो सकती है।
अगली बार जब आपके सामने चाय या कॉफी का कप आए और उसमें से तेज भाप निकल रही हो, तो उसे तुरंत पीने की बजाय कुछ देर रुकना एक आसान सावधानी हो सकती है। क्योंकि सवाल सिर्फ यह नहीं है कि आप चाय कितनी पीते हैं सवाल यह भी है कि उसे कितना गर्म पीते हैं।
