अगर आपके घर में 10 साल पुरानी डीजल या 15 साल पुरानी पेट्रोल कार है, तो अब सड़क पर निकलने से पहले यह खबर जरूर पढ़ लीजिए। पुराने वाहनों की पहचान के लिए गुरुग्राम समेत हरियाणा के चार जिलों में अब ANPR कैमरों की मदद ली जाएगी। ये कैमरे सड़क पर गुजरने वाली गाड़ियों की नंबर प्लेट को स्कैन कर यह पहचानने में मदद करेंगे कि वाहन तय उम्र सीमा से ज्यादा पुराना तो नहीं है।

पेट्रोल पंप से लेकर सड़कों तक कैमरों की नजर
दरअसल, 10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों को हटाने के लिए NCR के शहरों में Automatic Number Plate Recognition (ANPR) कैमरे लगाए जाने की योजना है। इन कैमरों की मदद से वाहनों की नंबर प्लेट पढ़कर पुराने वाहनों की पहचान की जाएगी।
गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत और झज्जर में कुल 775 ANPR कैमरे लगाए जाएंगे। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने इसके लिए मंजूरी दी है और परिवहन मंत्री अनिल विज ने इसकी जानकारी दी।
1 अक्टूबर से पुराने वाहनों पर नजर
1 अक्टूबर 2026 से हरियाणा में पंजीकृत ऐसे वाहन जिन्हें अपनी तय जीवन-अवधि पूरी किए हुए है, उन्हें फ्यूल नहीं मिलेगा। यानी पुराने वाहनों के मामले में पेट्रोल पंपों पर भी सख्ती देखने को मिल सकती है। चार जिलों में कैमरों की संख्या इस तरह बताई गई है:
गुरुग्राम में 249 ANPR कैमरे
सोनीपत में 215 कैमरे
झज्जर में 195 कैमरे
फरीदाबाद में 116 कैमरे
कुल मिलाकर इन चार जिलों में 775 कैमरे लगाए जाएंगे। Commission for Air Quality Management (CAQM) के निर्देशों के तहत पूरे हरियाणा में करीब 2,780 ANPR कैमरे लगाए जाने की जरूरत बताई गई है। पहले चरण में इन चार जिलों में कैमरे लगाने का काम 30 सितंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
अब सड़क पर निकलते ही पकड़ी जाएगी गाड़ी की पहचान?
इस पूरी व्यवस्था का मकसद पुराने वाहनों की पहचान को आसान बनाना है। ANPR कैमरे गुजरने वाली गाड़ियों की नंबर प्लेट पढ़कर उनकी पहचान करेंगे। ऐसे में आने वाले समय में पुराने वाहनों के लिए सड़क पर कैमरों की नजर से बचना मुश्किल हो सकता है।
अगर आपके पास भी 10 साल पुरानी डीजल या 15 साल पुरानी पेट्रोल गाड़ी है, तो 1 अक्टूबर से लागू होने वाली इस व्यवस्था को जरूर समझ लें।
