गुरुग्राम में जब्त गाड़ियों पर आया चौकाने वाला आदेश… जानिए आगे क्या होगा?

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए कहा है कि पुलिस थानों और मालखानों में सालों से खड़े वाहनों को बिना वजह रोके रखना अब उचित नहीं है। कोर्ट ने साफ कहा कि लंबे समय तक जब्त वाहनों को सुरक्षित रखना न तो पुलिस के लिए उपयोगी है और न ही न्याय प्रक्रिया के लिए।

पीठ ने निर्देश दिया कि वाहनों की हाई-क्वालिटी तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्ड कर लिए जाएं, ताकि आवश्यक होने पर पीड़ितों या गवाहों को पहचान के लिए दिखाया जा सके। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि डिजिटल साक्ष्य अनिश्चितकाल तक सुरक्षित रखे जा सकते हैं, इसलिए वाहन को वर्षों तक थाने में खड़ा रखने का कोई औचित्य नहीं।

गुरुग्राम के केस की सुनवाई में आया फैसला

यह आदेश उस समय आया जब गुरुग्राम में मारपीट के एक मामले में इस्तेमाल हुई कार की रिलीज को लेकर एक न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा इनकार किया गया था। बाद में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने भी इसे बरकरार रखा था, जिसे हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया।

पीठ ने निर्देश दिया कि वाहन को 60 दिनों के भीतर निर्धारित शर्तों का पालन करने पर रिहा किया जाए।

सभी न्यायिक अधिकारियों को भेजा जाएगा आदेश

हाईकोर्ट ने निर्देश दिया कि यह फैसला पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के सभी न्यायिक अधिकारियों को भेजा जाए।

कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह आदेश केवल उन्हीं वाहनों पर लागू होगा जिन्हें किसी विशेष कानून या न्यायिक आदेश के तहत अनिवार्य रूप से जब्त रखना आवश्यक नहीं है।

रिहाई के आवेदन को मनमाने ढंग से खारिज न किया जाए

पीठ ने कहा कि जिला न्यायपालिका रिहाई के आवेदनों को खारिज करते समय स्पष्ट कारण बताए और सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों तथा इस आदेश में किए गए प्रावधानों का अंतर भी स्पष्ट करे।
वहीं, रिहाई के आवेदन स्वीकार करते समय इस आदेश का उल्लेख करने की स्वतंत्रता होगी।

वाहन रिलीज के लिए हाईकोर्ट ने तय की ये शर्तें
1. फोरेंसिक जांच

यदि आवश्यकता हो, जांच एजेंसी वाहन की फोरेंसिक और मैकेनिकल जांच करेगी।

2. सभी एंगल से हाई-रेजोल्यूशन तस्वीरें

  • वाहन की सभी दिशाओं से फोटो ली जाएं
  • चेसिस नंबर और इंजन नंबर की क्लोज-अप तस्वीरें
  • इनकी प्रतियां कोर्ट, जांच अधिकारी, अभियुक्त और दावेदार को उपलब्ध कराई जाएं

3. हाई-क्वालिटी वीडियो रिकॉर्डिंग

विकल्प के रूप में—

  • सभी दिशाओं से वीडियो
  • बोनट, केबिन, चेसिस नंबर और इंजन नंबर का विवरण
  • रिकॉर्डिंग याचिकाकर्ता द्वारा दिए गए सीलबंद डिजिटल डिवाइस में सेव होगी
  • जांच एजेंसी इसे अपने आधिकारिक वेबपेज पर भी अपलोड करेगी

4. स्वामित्व का हलफनामा

वाहन की रिहाई मांगने वाले व्यक्ति को वाहन के स्वामित्व या अधिकार का हलफनामा दाखिल करना होगा।

5. ओरिजिनल RC की सुरक्षित प्रति

  • RC (पंजीकरण प्रमाणपत्र) की एक प्रमाणित प्रति अदालत रिकॉर्ड में रखी जाएगी
  • मूल RC आवेदक को वापस दे दी जाएगी

More From Author

गुरुग्राम में तहसीलदार रिश्वत लेते गिरफ्तार, 2 लाख रुपए लेते एसीबी ने रंगे हाथ पकड़ा

अंबेडकर चौक और दादी सती चौक पर जाम से राहत मिलेगी… GMDA ने उठाया बड़ा कदम!

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent Comments

No comments to show.