गुरुग्राम। सुल्तानपुर नेशनल पार्क के इको-सेंसिटिव जोन में वर्षों से खड़े अवैध निर्माणों पर अब प्रशासन की नजर टेढ़ी हो गई है। वन विभाग ने पार्क के चारों ओर बने 184 अवैध निर्माणों की पहचान कर उनके खिलाफ बड़े स्तर पर ध्वस्तीकरण अभियान की तैयारी पूरी कर ली है। अगले सप्ताह जिला प्रशासन, वन विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों की संयुक्त बैठक में इस कार्रवाई पर अंतिम मुहर लग सकती है।

पार्क के आसपास अवैध निर्माणों की पूरी लिस्ट तैयार
वन विभाग की ओर से किए गए सर्वे में इको-सेंसिटिव जोन के भीतर बने सभी अवैध निर्माणों का रिकॉर्ड तैयार किया गया है। विभाग ने प्रत्येक निर्माण की जीपीएस लोकेशन, पैमाइश और फोटोग्राफ के साथ विस्तृत रिपोर्ट जिला मॉनिटरिंग कमेटी को भेज दी है। अब इसी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
अगले हफ्ते होगी हाई लेवल मीटिंग
सूत्रों के मुताबिक मंगलवार को प्रस्तावित बैठक में जिला उपायुक्त, मंडलायुक्त, वन विभाग, डीटीपी विभाग और हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी शामिल होंगे। बैठक में यह तय किया जाएगा कि अवैध निर्माणों को हटाने की शुरुआत कब से होगी और कार्रवाई किस चरण में की जाएगी।
बहुमंजिला इमारतें और फार्म हाउस भी रडार पर
जांच में सामने आया है कि पार्क के आसपास कई बहुमंजिला कमर्शियल बिल्डिंग, फार्म हाउस और अन्य पक्के निर्माण इको-सेंसिटिव जोन के नियमों का उल्लंघन करते हुए बनाए गए हैं। अधिकारियों का मानना है कि ऐसे निर्माण सुल्तानपुर पक्षी विहार के पर्यावरण और वन्यजीवों के लिए गंभीर खतरा बन रहे हैं।
कुछ निर्माणों के मालिकों का भी नहीं मिला रिकॉर्ड
सर्वे के दौरान कई ऐसे निर्माण भी मिले जिनके मालिकों की स्पष्ट जानकारी प्रशासन के पास उपलब्ध नहीं है। ऐसे मामलों में प्रशासन कानूनी राय लेने के बाद कार्रवाई करेगा। बैठक में इस बात पर भी फैसला लिया जाएगा कि अज्ञात स्वामित्व वाली संपत्तियों पर सीधे बुलडोजर चलाया जाए या पहले नोटिस जारी किए जाएं।
पहले नोटिस, फिर होगी कार्रवाई
अधिकारियों के अनुसार बैठक में मंजूरी मिलने के बाद सभी चिन्हित प्लॉट और भवन मालिकों को अंतिम नोटिस भेजे जाएंगे। तय समय के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर बड़े स्तर पर ध्वस्तीकरण अभियान शुरू किया जाएगा। कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल और जेसीबी मशीनों की तैनाती की जाएगी ताकि अभियान बिना किसी बाधा के पूरा हो सके।
पर्यावरण संरक्षण पर प्रशासन का फोकस
प्रशासन का कहना है कि सुल्तानपुर नेशनल पार्क के इको-सेंसिटिव जोन में अवैध निर्माण किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किए जाएंगे। इस अभियान का उद्देश्य पार्क के आसपास पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखना और प्रवासी पक्षियों सहित वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
